कोरबा@M4S:जिले के जंगलों में विचरण कर रहे हाथी अब अपना लोकेशन बदलने लगे हैं। कोरबा वनमंडल में विचरण कर रहे हाथियों ने पड़ोसी जिले की ओर रूख किया है। जिससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणो और वन अमला ने राहत की सांस ली है।
वनमंडल कोरबा के पसरखेत, कुदमुरा व कोरबा रेंज में लगभग तीन सप्ताह तक विचरण करने के बाद 9 हाथियों के दल ने बीती रात धरमजयगढ़ का रूख कर लिया। हाथियों ने जाने से पहले कुदमुरा रेंज के चचिया गांव में 5 से अधिक ग्रामीणों के खेतों में लगे धान की रबी फसल को रौंद दिया, जिससे संबंधित ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों ने जिस समय मूवमेंट किया उस समय वन विभाग के कर्मचारी व हाथी मित्र दल के सदस्य निगरानी में लगे रहे। रात भर हाथियों के दल के पीछे घूमते रहे। सुबह होने से पहले हाथियों ने जब धरमजयगढ़ के जंगल सीमा में प्रवेश किया तो संबंधित वन अमले को इसकी सूचना देने के बाद वापस लौटे। पीड़ित ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन अमला नुकसानी के आंकलन में जुट गया। इस बीच कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में 49 हााथियों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। हाथियों का दल जटगा क्षेत्र में स्थित पहाड़ पर डेरा डाले हुए है। हाथियों के दल को यहां का वातावरण भा गया है। बताया जाता है कि हाथी विगत कई दिनों से पहाड़ पर घूम रहे हैं तथा इसे अपना बसेरा भी बना लिया है। कभी कभार ही यह दल पहाड़ से नीचे उतरता है।
फसलों को रौंदते हुए हाथी पहुंचे धरमजयगढ़
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