महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर की अखंड सौभाग्य की कामना

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पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला उपवास
कोरबा@M4S: सुहागिन महिलाओं के अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना का पर्व वट सावित्री व्रत शनिवार को मनाया गया। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। व्रत को लेकर शहर के मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास तैयारियां शुरू हो गई थी। वहीं पूजा सामग्री, फल, श्रृंगार और पूजन थाली की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।
बाजार में सुबह से ही बांस की टोकरी, परसा पत्ते के दोने, पूजन सामग्री, लाल-पीली चुनरी, धागा और मिट्टी के बर्तनों सहित मौसमी फलों की खरीदारी होती रही। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत में महिलाएं वट वृक्ष के नीचे विधि-विधान से पूजा कर उसकी परिक्रमा करती हैं और धागा बांधती हैं। यह व्रत माता सावित्री द्वारा अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने की कथा से जुड़ा है। इसी कारण इसे अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं ने सुबह स्नान के बाद व्रत रखकर पूजा-अर्चना की और कथा श्रवण किया। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा का आयोजन भी किया गया।

श्रृंगार कर की वट वृक्ष की पूजा, सुनी कथा
धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाकर पतिव्रता धर्म का उदाहरण प्रस्तुत किया था। इसी घटना की स्मृति में वट सावित्री व्रत रखा जाता है। वट यानी बरगद का पेड़ लंबी आयु और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुख-शांति और पति की दीर्घायु की कामना की। महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे बैठकर कथा सुनी। पूजा-अर्चना के बाद पति का पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया।

वट सावित्री व्रत को लेकर बाजारों में उमड़ा सैलाब
वट सावित्री व्रत की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राउरकेला के बाजारों में भारी भीड़ रही। शनिवार को होने वाले व्रत के लिए महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, श्रृंगार और नई साड़ियों की खरीदारी की। शहर के मार्केट देर शाम तक गुलजार रहे। कई दुकानों के बाहर लंबी कतारें दिखीं।

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