नई दिल्ली(एजेंसी):आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली या अमीर इंसान हो सकते हैं, सारी सुख-सुविधाएं और वीआईपी ट्रीटमेंट ले सकते हैं पर जब भी आप सड़क पर निकलेंगे तो रूल फॉलो करने ही होंगे। यही है देश-दुनिया में बने ट्रैफिक रूल की कहानी, जो सबके लिए बराबर हैं। ये तो रही ट्रैफिक रूल्स की बात लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाल, हरी और पीली बत्ती ही क्यों चुनी गई और यह जिंदगी के बारे में क्या सीख देती है?
दुनिया की सबसे पहली ट्रैफिक लाइट
दुनिया की सबसे पहली ट्रैफिक लाइट साल 1868 में 10 दिसंबर को लंदन में लगी थी। उस समय इसमें सिर्फ दो रंग हरा और लाल रंग शामिल था जिसे रेलवे के लिए उपयोग में लाया जाता था। गैस आधारित मॉडल पर बनी इस ट्रैफिक लाइट का आविष्कार ब्रिटिश रेलवे इंजीनियर जे.पी. नाइट ने किया था। उस समय लाइट्स को कंट्रोल करने के लिए पुलिसकर्मी रखे जाते थे।
पीली लाइट कब उपयोग में आई?
अब बात करें पीली लाइट की तो साल 1920 में डेट्रॉइट के विलियम पॉट्स नामक पुलिस अधिकारी ने लाल, पीले और हरे रंगों वाली चार-तरफा ट्रैफिक लाइट पहली बार बनाई।
ट्रैफिक लाइट के तीन रंग और उनके मतलब
आज दुनियाभर में ट्रैफिक लाइट में केवल तीन ही रंगों को इस्तेमाल किया जा रहा है : लाल, हरा और पीला। ऐसे में सवाल यह है कि क्यों ये तीन रंग ही यूनिर्वसल हुए? आइए जानते हैं:
लाल रंग
लाल रंग कहीं भी देखो तो उसका मतलब रुक जाना होता है, यह हमेशा स्टॉप का ही सिग्नल देती है। इस रंग को इसलिए चुना गया क्योंकि इसकी वेव लेंथ ज्यादा होती है यानी यह दूर से चमकता है। वहीं, रेड लाइट से सीख ली जाए तो जीवन में भी इस रंग का महत्व है क्योंकि यह हमें भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहरने के लिए कहता है।
हरे रंग
कभी मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि जब लाल रंग का मतलब रुकना है तो सफेद रंग को जाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था फिर हरा रंग क्यों? बता दें कि सफेद रंग की सड़कों पर लाइट्स पहले से लगी होती हैं जो गाड़ियों को कई बार गलत संकेत भी दे सकती हैं। ऐसे में प्रकृति के प्रतीक हरे रंग को चुना गया।
इसके अलावा हरा साइकोलॉजी की नजर से शांति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए यह ट्रैफिक लाइट में गो के सिग्नल के लिए परफेक्ट था। साथ ही, जिंदगी में ट्रैफिक लाइट का यह रंग हमें नई शुरुआत, प्रेरणा और ऊर्जा बनाए रखने के लिए उत्साह पैदा करत है।
पीला रंग
रोड पर दिख रही पीली लाइट गाड़ियों को धीमा करने का संकेत करती है। यह रंग किसी परेशानी के समाधान के रूप में देखा जाता है। इसके साथ ही यह रंग ट्रांजिशन के बारे में भी बात करता है। इसी तरह यह रंग हमें जीवन में बदलाव के लिए तैयार रहने की सीख देता है।








