कोरबा@M4S:कोरबा जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने ₹2,000 से अधिक के UPI व्यापारिक लेन-देन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
ज्ञापन के मुख्य बिंदु:
पुनर्विचार और वापसी की मांग: संगठन ने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर कुणाल दुदावत को सौंपकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने और इसे तत्काल वापस लेने की अपील की है।
व्यापारियों पर बढ़ता आर्थिक बोझ: ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट P2M (Person-to-Merchant) लेन-देन पर लगने वाला 0.4% MDR ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसका पूरा आर्थिक भार व्यापारिक प्रतिष्ठानों को उठाना पड़ेगा।
छोटे और मध्यम व्यवसायों पर असर: व्यापारिक लेन-देन की लागत बढ़ने का सीधा अर्थ है कि पहले से बढ़ती बैंकिंग और संचालन लागतों में एक और वित्तीय भार जुड़ना, जो विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है।
शून्य-MDR की अपील: चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रधानमंत्री से विनम्र आग्रह किया है कि UPI जैसी देश की सफल और सरल डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए ‘शून्य-MDR’ पर ही रखा जाए।
डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूती: व्यापारियों ने अपना विश्वास जताते हुए कहा है कि “डिजिटल भुगतान बढ़ेगा तो व्यापार बढ़ेगा और व्यापार बढ़ेगा तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी”।
कोरबा जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष योगेश जैन व प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि व्यापारी समाज की इन भावनाओं और ज्ञापन को तत्काल प्रधानमंत्री एवं संबंधित केंद्रीय मंत्रालय तक प्रेषित किया जाए।





















































