मुंबई(एजेंसी): आईआईटी बॉम्बे अपनी बेहतरीन पढ़ाई के लिए जाना जाता है, लेकिन आज वहां के छात्र बेहद दुखी हैं और गुस्से में प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, सेकंड ईयर के एक छात्र को परीक्षा में मोबाइल पर एआई का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उसने खुदकुशी कर ली।
सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि पिछले सात महीनों में इस कैंपस में आत्महत्या का यह तीसरा मामला है। इससे पहले, इसी साल फरवरी में एक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में अपनी जान दे दी थी। फिर जुलाई में भी एक 20 साल के छात्र ने ऐसा ही कदम उठाया। इन घटनाओं ने सबको हिलाकर रख दिया है और छात्र अब मानसिक तनाव और कॉलेज के माहौल पर सवाल उठा रहे हैं।
परीक्षा में एआई के इस्तेमाल पर पकड़ा गया था छात्र
बीती शाम, साहिल वाकोडे नाम के छात्र को परीक्षा का प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड कर उत्तर खोजते हुए पकड़ा गया था। अधिकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की थी, बल्कि उसकी काउंसलिंग की गई थी और उसे आश्वासन दिया गया था कि इसका उसके करियर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया।
वाकोडे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में 400 से अधिक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के एक समूह का आरोप है कि संस्थान के अधिकारियों ने वाकोडे को एक साल के निलंबन की धमकी दी थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि इसके कारण उसे हॉस्टल छोड़कर परिसर के बाहर रहना पड़ सकता था।





















































