मतदाता सूची में नाम व सरनेम नहीं हो रहा है मैच  अशिक्षित और भूमिहीनों को दस्तावेज पेश करने में हो रही परेशानी

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कोरबा@M4S:मतदाता सूची के विशेष गहन प्रशिक्षण (एसआईआर) के तहत जिले में 2 लाख 32 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिनका नाम, सरनेम मैच नहीं हो रहा है। बीएलओ घर-घर पहुंचकर सत्यापन कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर दस्तावेज लेकर अपलोड भी कर रहे हैं। दूसरी ओर नो मैपिंग में शामिल अशिक्षित और भूमिहीनों को दस्तावेज पेश करने में परेशानी हो रही है।
एसआईआर में 2003 और 2025 में नाम होने पर कोई दस्तावेज नहीं लिए जा रहे हैं। कई महिलाओं का सरनेम विवाह होने के बाद बदल गया है। जिले में मतदाताओं की संख्या पहले 9 लाख 51 हजार 278 थी। एसआईआर की प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशन के बाद 8 लाख 17 हजार 410 मतदाता बचे हैं। मृत्यु, अनुपस्थित, ट्रांसफर और दो जगह नाम होने पर 1 लाख 33 हजार 741 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। वहीं सी-कैटेगरी में रखे गए 40 हजार 882 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इन मतदाताओं को दस्तावेज पेश करने कहा जा रहा है। इसकी सुनवाई तहसील और निकाय कार्यालय में हो रही है। जिन मतदाताओं को सुनवाई में बुलवाया जा रहा है उनके दस्तावेजों का सत्यापन विभागों से करा रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र का सत्यापन सांख्यिकी विभाग, अंक सूची का शिक्षा विभाग, जाति, निवास प्रमाण पत्र का तहसीलदार सत्यापन कर रहे हैं। दावा-आपत्ति का निराकरण 22 जनवरी तक किया जाना है। इसी आधार पर सी-कैटेगरी के मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। इसमें उन मतदाताओं को अधिक परेशानी हो रही है जो पढ़े-लिखे नहीं हैं और उनके पास जमीन भी नहीं है। दस्तावेज के नाम पर आधार कार्ड और राशन कार्ड है। यह आयोग के 11 दस्तावेजों की लिस्ट में शामिल नहीं है। इसमें सबसे अधिक प्रभावित पहाड़ी कोरवा हैं, जो हमेशा निवास बदलने की वजह से पूर्वजों के नाम भी नहीं जानते हैं। इनके पास जन्म संबंधित दस्तावेज भी नहीं है। कोरवाओं की मदद बीएलओ कर रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या माता-पिता और दादा-दादी के दस्तावेज पेश करने को लेकर है।
ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे दस्तावेज
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को सुविधा दी है कि अगर किसी को नोटिस जारी हुआ है, तो वह दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकता है। ईसीआईएनईटी पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा है। मतदाताओं को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। हालांकि इसके बाद भी मतदाता सुनवाई में पहुंच रहे हैं।

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के तहत फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। 22 जनवरी तक नाम जोड़ने, विलोपन और संशोधन के लिए दावा-आपत्तियां मंगाई गई हैं। इनका निराकरण 14 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 फरवरी को होगा।

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