कोरबा@M4S:हाईटेक तकनीक का उपयोग कर एसईसीएल खदानों से कोयला परिवहन में लगी गाड़ियों की बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) सिस्टम से ट्रैकिंग कर रही है। इस निगरानी से चालकों के वाहनों के रूट बदलने का पता लगाया जा सकता है। यही कारण है कि कोल ट्रांसपोर्टिंग वाहनों में बीटीएस सिस्टम अनिवार्य किया है। इस तरह कोयला लोड वाहनों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। खदानों के प्रवेश द्वार पर बूम बेरियर स्थापित किए हैं। खदान के लोडिंग पाइंट, वे-ब्रिज, सीएचपी समेत रास्ते की खदानों के चेकपोस्ट सीसीटीवी कैमरे से लैस किए गए हैं।
कोयले के अवैध खनन और चोरी की सूचना देने कोयला मंत्रालय का खनन प्रहरी एप भी है। इस ऐप को डाउनलोड कर अवैध खनन व कोयला संसाधनों की चोरी रोकने के अभियान में लोग भागीदार बन सकते हैं। अवैध खनन पर प्रभावी रोक और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने एसईसीएल स्तर पर भी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जो कोयला संसाधनों की सुरक्षा मजबूत करेगी। इस तरह डिजिटल संसाधन से निगरानी को आसान बनाया है। कोयले के अवैध खनन और इसकी चोरी को रोकने एसईसीएल में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है। कोल कंपनी ने टोल फ्री नंबर 1800-233-0494 जारी किया है, जिसके माध्यम से खदानों में अवैध खनन व चोरी की सूचना सीधे कंट्रोल रूम को मिलेगी, ताकि एसईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी व घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। कोयला क्षेत्रों में लॉ एंड ऑर्डर चुनौती होती है। जिले में एसईसीएल की कोयला खदानों की सुरक्षा का जिम्मा विभागीय सुरक्षा गार्डों, सीआईएसएफ व त्रिपुरा स्टेट रायफल्स के जवान संभाल रहे हैं। समय-समय पर कोयला खदानों में डीजल, कबाड़ व कोयले की चोरी की घटनाएं सामने आई है। इस पर अंकुश लगाने अब सीआईएसएफ को एमएमडीआर एक्ट से एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई का अधिकार दिया है। इससे सीमित स्तर पर कार्रवाई कर रही सीआईएसएफ को केन्द्र की जीरो कोल लीकेज अभियान को सफल बनाने में मददगार होगी। इन के अवैध खनन व चोरी को रोकने सबके बीच एसईसीएल में कोयले एसईसीएल में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की है। इसके जरिए टोल फ्री नंबर से सीधे कंट्रोल रूम को सूचना मिलेगी और इसके आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। एसईसीएल मुख्यालय ने कोयले के अवैध खनन, परिवहन व चोरी समेत खदान परिसरों में घटित होने वाली किसी भी तरह की सिक्युरिटी संबंधी घटना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर का एरिया के सभी परियोजनाओं, खदानों, वर्कशॉप, स्टोर्स, सुरक्षा चौकियों व माइंस के प्रवेश व निकासी द्वार समेत अन्य स्थानों पर प्रचार करने कहा है।
खदानों से कोयला चोरी रोकने हाईटेक तकनीक का उपयोग अवैध खनन की सूचना देने खनन प्रहरी एप भी मौजूद
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