ई ट्रैक के लिए पेड़ों की कटाई करा मजदूरी देना भूला विभाग  वन मंडल कार्यालय का चक्कर काट थक चुके हैं मजदूर

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कोरबा@M4S:भीषण गर्मी में ई ट्रैक निर्माण के लिए पेंड़ों की कटाई तो करा ली, लेकिन वन अफसर मजदूरों को मजदूरी देना भूल गए। अब मजदूर हड़तोड़ मेहनत के बाद मिलने वाली मजदूरी के लिए दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें राशि भुगतान के बजाय कोरा आश्वासन ही मिल रहा है। नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद बच्चों की पढ़ाई व आर्थिक तंगी से गुजर रहे मजदूर परेशान हो चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य पर रोक लगाने या फिर वनमंडल कार्यालय घेराव का मन बनाना शुरू कर दिया है।
मामला कोरबा वनमंडल का है। दरअसल जिला परिवहन विभाग को झगरहा- कोरकोमा के बीच स्थित बुंदेली की छह एकड़ जमीन आबंटित की गई है। इस जमीन पर परिवहन विभाग द्वारा 1 करोड़ 75  लाख की लागत से ई ट्रैक का निर्माण किया जाना है। इसके लिए जमीन पर स्थित पेड़ की कटाई अनिवार्य था। परिवहन विभाग ने नियमानुसार पेड़ कटाई के लिए जरूरी धन जमा कराने सहित तमाम प्रक्रियाएं पूरी कर ली। इसके बाद वन विभाग ने पेड़ की कटाई शुरू की। इस दौरान मजदूरों को पेड़ कटाई पूरी होते ही मजदूरी भुगतान कर देने का आश्वासन दिया गया। विभाग के आश्वासन पर ग्राम पंचायत कोरकोमा के आश्रित ग्राम कचांदी में रहने वाले बाबू लाल, बंशी लाल, बंधन सिंह व पिरित राम सहित करीब आधे दर्जन मजदूरों ने पेड़ की कटाई शुरू की। उन्होंने भीषण गर्मी में हड़तोड़ मेहनत कर पेड़ कटाई का कार्य पूर्ण कर लिया। उम्मीद थी कि विभाग द्वारा वादे के मुताबिक मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नही हुआ। मजदूर मजदूरी का इंतजार करते रहे। आखिरकार उन्होंने रेंज कार्यालय से संपर्क किया। इस दौरान मजदूरी भुगतान संबंधी बिल व्हाउचर मुख्यालय भेजे जाने की जानकारी मिली। मजदूर दो दिन पूर्व भी डीएफओ कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि वे डीएफओ से लगातार संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने चार मर्तबे मजदूरी भुगतान के लिए गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें फाईल बिलासपुर भेजे जाने जाने और जल्द भुगतान करा देने का रटा रटाया जवाब मिल रहा है। चूंकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई लिखाई सहित घर चलाने रकम की आवश्यकता है। उन्हें समय पर मजदूरी मिल जाने से तमाम परेशानी दूर होने की उम्मीद थी, लेकिन अफसरों के रवैये के कारण ऐसा नही हो सका, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। बहरहाल मजदूर दफ्तर का चक्कर काट थम चुके हैं। उन्होंने ई ट्रैक निर्माण कार्य पर रोक लगाने अथवा वनमंडल कार्यालय के सामने प्रदर्शन अथवा घेराव का मन बनाना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले वन विभाग में मजदूरी लटकाने के मामले सामने आ चुके हैं, जिसे लेकर मजदूरों ने दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया है।

दो टेबल के बीच घूम रही फाईल
डीएफओ कार्यालय पहुंचे मजदूरों को मजदूरी संबंधी फाईल बिलासपुर भेजे जाने की बातें कही गई है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। सूत्रों की मानें तो पेड़ कटाई के लिए कोरबा रेंज कार्यालय को जवाबदारी सौंपी गई थी। रेंज कार्यालय ने एसडीओ उत्तर के माध्यम से दस्तावेज जिला मुख्यालय में प्रस्तुत कर दिया था, लेकिन मजदूरी भुगतान संबंधी एसडीओ उत्पादन के माध्यम से भेजने का जिक्र करते हुए फाईल लौटा दिया गया। यह फाईल दफ्तर में ही चक्कर काट रहा है।

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