नई दिल्ली। अगर आप सोचते हैं कि दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहें सिर्फ विदेशों में ही हैं, तो आपको एक बार मध्य प्रदेश का रुख जरूर करना चाहिए। यहां जबलपुर में एक ऐसी जगह मौजूद है, जिसकी खूबसूरती देखकर आप दंग रह जाएंगे।
हम बात कर रहे हैं ‘भेड़ाघाट’ की। हरे-भरे पेड़ों और संगमरमर की ऊंची चट्टानों से घिरा यह घाट इतना खास है कि इसे फिल्मों की शूटिंग और बोटिंग के लिए बेस्ट माना जाता है। आइए डिटेल में जानते हैं इस बेहतरीन जगह के बारे में।

नर्मदा के तेज बहाव ने तराशा भेड़ाघाट
भेड़ाघाट की सबसे बड़ी खासियत यहां की 100 फीट ऊंची चट्टानें हैं। नर्मदा नदी के तेज बहाव ने इन चट्टानों को 5 किलोमीटर लंबी एक खूबसूरत घाटी में बदल दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लोग इन चट्टानों को जादुई मानते हैं। दरअसल, नदी का पानी जैसे-जैसे बहता है, ये चट्टानें अपना आकार बदलती हुई नजर आती हैं। बाहर से काली और अंदर से सफेद दिखने वाली इन चट्टानों पर जब सूरज की किरणें पड़ती हैं, तो लगता है जैसे वक्त वहीं ठहर गया हो। रात के समय, खासकर चांद की रोशनी में, इनकी खूबसूरती दोगुनी हो जाती है।
भेड़ाघाट की जमीन में दबे हैं अरबों साल पुराने राज
भूगोल के नजरिए से भी यह जगह बहुत खास है। नर्मदा और ताप्ती देश की वो दो नदियां हैं जो बंगाल की खाड़ी की बजाय अरब सागर में गिरती हैं। एक जमाने में यहां जमीन में दरार आ गई थी, जिससे बीच की जमीन रह गई और ये नदियां अरब सागर की ओर बहने लगीं।
अरबों साल पहले यहां ज्वालामुखी फटा था और उसके लावे से एक बेहद ‘सॉफ्ट स्टोन’ बना। असल में जिसे हम मार्बल कहते हैं, वह यही सॉफ्ट स्टोन है। इसमें मैग्नीशियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए यह इतना नर्म होता है। इसके अलावा, इसी भेड़ाघाट इलाके में डायनासोर के अंडे भी मिल चुके हैं।

दूर-दूर तक सुनाई देता है पानी का शोर
भेड़ाघाट में एक मशहूर वॉटरफॉल भी है, जिसे ‘धुआंधार वॉटरफॉल्स’ के नाम से जाना जाता है। इस जलप्रपात की खूबी इसका नाम ही बयां कर देता है। यहां पानी इतनी तेज रफ्तार और ऊंचाई से गिरता है कि चारों तरफ पानी की बूंदें धुएं की तरह उड़ती हुई दिखाई देती हैं। यहां बहते हुए पानी के शोर की आवाज बहुत दूर तक और बड़ी जोर से सुनाई देती है।
रही है फिल्मों की फेवरेट लोकेशन
भेड़ाघाट की सुंदरता बॉलीवुड को भी खूब लुभाती है। शाहरुख खान और तापसी पन्नू स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘डंकी’ में भेड़ाघाट के खूबसूरत नजारों को दिखाया गया है। इससे पहले भी इस ऐतिहासिक लोकेशन पर कई यादगार फिल्में फिल्माई गई हैं, जिनमें रितिक रोशन की ‘मोहनजोदड़ो’, ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की ‘बॉबी’, सुनील दत्त की ‘प्राण जाये पर वचन ना जाये’, और राज कपूर की क्लासिक फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ शामिल हैं।

ऐतिहासिक चौंसठ योगिनी मंदिर
भेड़ाघाट घूमने आएं और चौंसठ योगिनी मंदिर न जाएं, ऐसा हो ही नहीं सकता। नर्मदा नदी के ठीक ऊपर एक पहाड़ पर यह ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। इस मंदिर में मां दुर्गा की 64 योगिनियों की मूर्तियां स्थापित हैं। इन मूर्तियों के बिल्कुल बीचों-बीच भगवान शिव की भी एक मूर्ति विराजमान है। पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है।
कभी न गिरने वाली ‘बैलेंसिंग रॉक्स’
भेड़ाघाट में प्रकृति का एक और चमत्कार देखने को मिलता है, जिसे ‘बैलेंसिंग रॉक्स’ कहते हैं। ये पत्थर की बहुत बड़ी गोलाकार चट्टानें हैं, जिन्हें इंसानों ने नहीं बनाया बल्कि हजारों साल पहले हुए ज्वालामुखी विस्फोट से ये खुद बनी थीं। इनकी सबसे बड़ी खासियत इनका बैलेंस है। चाहे भूकंप आ जाए या कोई भी बड़ी प्राकृतिक आपदा, इन चट्टानों का बैलेंस कभी नहीं बिगड़ता।

कैसे पहुंचें भेड़ाघाट?
अगर आप इस खूबसूरत जगह को देखने का मन बना चुके हैं, तो यहां पहुंचना काफी आसान है:
- दूरी: यह जगह जबलपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर है।
- हवाई सफर: अगर आप फ्लाइट से आना चाहते हैं, तो जबलपुर शहर का अपना एयरपोर्ट भी है।
- रोपवे और बोटिंग: भेड़ाघाट तक पहुंचने के लिए पर्यटकों के पास ‘रोपवे’ का शानदार विकल्प भी मौजूद है। इन मार्बल रॉक्स और घाट के नजारों को बिल्कुल करीब से महसूस करने के लिए आप नर्मदा नदी में बोटिंग कर सकते हैं।








