बैठक के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ
कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ द्वारा एसईसीएल के खदानों से प्रभावित भू विस्थापित किसानों की लंबित रोजगार प्रकरणों का तत्काल निराकरण,बसावट, एवं प्रभावित गांव के बेरोजगारों को आउट सोर्सिंग कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ 6 सूत्रीय मांग को लेकर कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। जिससे मुख्य गेट बंद होने से कोई कर्मचारी आना जाना नहीं कर पाए। उसके बाद एसईसीएल प्रबंधन ने समस्याओं के निराकरण के लिए लिखित बैठक का आश्वाशन दिया उसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की भू विस्थापितों को जमीन अधिग्रहण के बाद रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता जिनकी भी जमीन अर्जन की गई है उन्हे रोजगार देना होगा। भू विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के लिए एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किया जा रहा है जिससे भू विस्थापितों में काफी आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि विकास के नाम पर अपनी गांव और जमीन से बेदखल कर दीये गए विस्थापित परिवारों का जीवन स्तर सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है। 40-50 वर्ष पहले कोयला उत्खनन करने के लिए किसानों की हजारों एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था खानापूर्ति के नाम पर कुछ लोगों को रोजगार और बसावट दिया गया जमीन किसानों का स्थाई रोजगार का जरिया होता है। सरकार ने जमीन लेकर किसानों की जिंदगी के एक हिस्सा को छीन लिया है। इसलिए जमीन के बदले सभी खातेदारों को स्थाई रोजगार देना होगा। भू विस्थापित किसानों के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।
भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम, रेशम यादव ने कहा कि भू विस्थापितों को जमीन के बदले रोजगार देना होगा और वे अपने इस अधिकार के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे गरीबों के पास संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। आगे अन्य क्षेत्रों से संपर्क कर आंदोलन का और विस्तार किया जाएगा।
घेराव प्रदर्शन के दौरान कार्यालय का मुख्य गेट बंद होने से कर्मचारियों का अंदर आना जाना बंद हो गया था जिससे माहोल तनावपूर्ण रहा । एसईसीएल के अधिकारियों ने महाप्रबंधक के साथ बैठक कर तत्काल रोजगार प्रकरणों के निराकरण का आश्वासन दिया जिसके बाद घेराव समाप्त हुआ किसान सभा ने एलान करते हुए कहा है कि भू विस्थापितों के समस्याओं पर सकारात्मक पहलकदमी नहीं होने पर 15 दिन बाद कोल परिवहन को बंद किया जाएगा।
घेराव में प्रमुख रूप से फिरत,उत्तम दास,अनिल,दीनानाथ, कृष्णा,हरिहर,होरी,रमेश दास,सोनू,हेतराम,राजकुमार,विजय कंवर,इंद्र,गणेश,हरिशरण,
के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित शामिल थे ।








