कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ का पारंपरिक एवं प्रमुख लोकपर्व हरेली ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
शहर के सीतामणी क्षेत्र में हरेली पर्व के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। यहां गेड़ी चढ़ने और नारियल फेंक प्रतियोगिता का आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। गेड़ी चढ़कर प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक कला और कौशल का प्रदर्शन किया, वहीं नारियल फेंक प्रतियोगिता में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पूरे आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक खेलों के माध्यम से अपनी लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया।
आयोजकों ने कहा कि हरेली जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़े हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और रीति-रिवाजों से जोड़ने में मदद मिलती है।








