कोरबा@M4S:मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बाल संपे्रक्षण गृह से उपचार के लिए लाया गया निरूद्ध अपचारी बालक चकमा देकर फरार हो गया। अस्पताल में भर्ती के महज 18 घंटे के भीतर वह भाग निकला। घटना ने एक बार फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल व संप्रेक्षण गृह के सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
बताया जा रहा है कि बाल संप्रेक्षण गृह के 17 वर्षीय अपचारी बालक को शुक्रवार को फिनाइल पीने के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आपातकालीन उपचार के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां उसका उपचार जारी था। शनिवार सुबह लगभग 18 घंटे के भीतर ही वह अस्पताल से रफूचक्कर हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि बालक के हाथ में कैनुला और शरीर में कैथियेटर लगे होने के बावजूद वह आसानी से अस्पताल से भाग निकला। सुरक्षा में तैनात गार्ड को इसकी भनक तक नहीं लगी। घटना का खुलासा तब हुआ, जब वार्ड में मौजूद स्टाफ ने बालक को बिस्तर पर नहीं पाया। पहले तो अस्पताल कर्मियों ने आसपास तलाश की, लेकिन जब कहीं कोई सुराग नहीं मिला तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में पूरे अस्पताल परिसर में खोजबिन की गई, लेकिन तब तक बालक फरार हो चुका था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ खडेÞ हुए हैं। जिस अपचारी बालक को विशेष निगरानी में रखा जाना था, वह इतनी आसानी से कैसे फरार हो गया। बालक के साथ बाल संपे्रक्षण गृह का एक गार्ड तैनात था, लेकिन वह भी पूरी घटना से अंजान रहा। बहरहाल पुलिस फरार अपचारी बालक की तलाश में जुटी हुई है। बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालकों के फरार होने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया जा रहा है। अब देखना होगा कि मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाती है या फिर सिर्फ जांच और कागजी कार्रवाई कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
27 मार्च को बाल संपे्रक्षण गृह से एक नाबालिग को भर्ती किया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे वार्ड में रखा गया था, जहां से वह शनिवार सुबह कहीं चला गया। जिसकी तलाश अस्पताल स्टाफ द्वारा की गई। तलाश के बाद जब वह नहीं मिला तो पुलिस को मेमो भेजा गया है।
डॉ. रविकांत जाटवर, असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट







