कोरबा@M4S:कोल इंडिया में अनुकंपा नियोजन से जुड़ी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए गठित एसओपी समीक्षा सब-कमेटी की दूसरी बैठक सीआईल मुख्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) विरंची दास ने की। इसमें ईसीएल के निदेशक (एचआर) जीके सिन्हा, सीआईएल एचआर मैनेजर रितिका श्रीवास्तव, तथा विभिन्न श्रमिक संगठनों बीएमएस से संजय चौधरी, एटक से लखनलाल महतो, एचएमएस से शिवकुमार यादव और सीटू से आरपी सिंह शामिल हुए। बैठक में कई निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन (आईआई-16) प्रावधान को 1 जुलाई 2021 से प्रभावी माना जाएगा, जिसके तहत आश्रित बेटियों को लाइव रोस्टर में शामिल किया जाएगा। प्रबंधन के अधिकारी अब तक इसे 11 जून 2024 से लागू मान रहे थे। इसके कारण कई आश्रित बेटियां लाभ से वंचित हो रही थीं।
इसके अलावा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए जिसके अनुसार अटेस्टेशन व रिलेशनशिप सर्टिफिकेट अब कार्यकारी मजिस्ट्रेट के बजाय नोटरी पब्लिक की ओर से जारी प्रमाणपत्र भी मान्य होगा। डेथ केस में आवेदन की समय सीमा मृतक कर्मचारी के आश्रितों को 3 वर्ष की अवधि दी जाएगी। मॉनेटरी अनुग्रह राशि अनुग्रह राशि का भुगतान मृत्यु की तारीख से प्रभावी होगा। एनओसी प्रक्रिया को सुगम बनाने का निर्णय हुआ है। जिसके तहत यदि मृतक के आश्रित अन्य शहर या विदेश में रहते हैं, तो उनका एनओसी ऑनलाइन लिया जा सकेगा और वीडियो कॉल के माध्यम से सहमति प्राप्त की जा सकेगी। सब-कमेटी की अनुशंसा अब मानकीकरण समिति के समक्ष रखी जाएगी, जहां से मंजूरी मिलने के बाद उक्त प्रावधान कोल इंडिया में लागू होंगे।
अनुकंपा नियोजन को लेकर हुई बैठक में बेटियों को राहत
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