भीषण गर्मी का कहर: सैकड़ों चमगादड़ों की मौत  चमगादड़ों पर कहर बनकर टूट रही भीषण गर्मी

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कोरबा@M4S: नौतपा के पूर्व पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन के साथ-साथ पशु पक्षियों पर भी बड़ा असर डाला है, बल्कि कहर बन कर टूट पड़ा है। नगर पंचायत पाली में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हुई है।
इस वर्ष मौसम के कई रूप देखने को मिले हैं। अप्रैल माह जैसे तैसे गर्मी के मौसम में राहत दे गया था, लेकिन मई माह सारे कसर पूरे कर रहा है। ग्रीष्म ऋतु का पीक समय नौतपा को माना जाता है जो 25 मई से आरम्भ होगा। इससे पूर्व प्रकृति का 42-43 डिग्री सेल्सियस का टार्चर लोगों को दिन में घरों में दुबकने को मजबूर कर रहा है। नगर पंचायत पाली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की सेहत पर बुरा असर डाला है। दोपहर में सडकों पर सन्नाटा छा रहा है। गर्मी से लू (हीट स्ट्रोक) का खतरा बढ़ गया है। पूरा देश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। गर्मी नित नए रिकॉर्ड बना रही है। जिसमें आम नागरिक से लेकर पशु पक्षी तक हलाकान हो गए हैं। गर्मी से पाली क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा है। पाली क्षेत्र में हीट स्ट्रोक से बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई है। नगर पंचायत पाली के नौकोनिया तालाब के किनारे स्थित पेड़ों में हजारों की संख्या में चमगादड़ों ने डेरा बसेरा बनाया है। प्रतिवर्ष फरवरी मार्च में बड़ी संख्या में प्रवासी चमगादड़ आकर तालाब के किनारे पर डेरा जमाते हैं। इस वर्ष प्रवासी चमगादड़ की संख्या काफी बढ़ी हैं। जिससे प्रकृति, पर्यावरण व पक्षी प्रेमी हर्षित हो रहे हैं। तालाब के किनारे स्थित वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ अंगूर की तरह गुच्छों मे उल्टे लटके देखे जा सकते हैं। सुबह शाम दोपहर में तालाब के ऊपर उड़ान भरना और उनकी जल क्रीड़ा आकर्षित करता है, लेकिन चमगादड़ 42- 43 डिग्री का गर्म तापमान झेल नहीं पा रहे हैं और पेड़ों से पके फल की भांति नीचे टपक रहे हैं। बड़ी संख्या में पेड़ों के नीचे चमगादड़ मृत देखे जा सकते हैं। यह स्थिति पाली के अलावा कई गांव में भी बड़े तालाबों के किनारे स्थित पेड़ों के नीचे दिख रही है। बड़ी संख्या में चमगादड़ की मौत पर वन विभाग को सूचित किया गया है। गर्मी के मौसम ने पशु पक्षियों के अलावा खेती किसानी पर भी बड़ा असर डाला है। मौसमी सब्जियां झुलस रही है।

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