नई दिल्ली(एजेंसी):Google AI Studio, पिछले कुछ सालों में डेवलपर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शौकीनों के लिए नए मॉडल्स और फीचर्स को टेस्ट करने या एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरेफस (API) कीज का इस्तेमाल करके वाइब-कोडेड एप्स बनाने की एक मजेदार जगह बन गया है। लेकिन अब माउंटेन व्यू बेस्ड टेक दिग्गज इसकी यूजेबिलिटी को बढ़ा रहा है और एक नए डेवलपमेंट के साथ आम यूजर्स को टारगेट कर रहा है। AI Studio प्लेटफॉर्म को अब एक Android एप के रूप में पेश किया जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी खूबी नेचुरल लैंग्वेज प्रॉम्प्ट्स के जरिए टूल्स, ट्रैकर्स और एप्स जनरेट करने की एबिलिटी है।
Google AI Studio की एंड्रॉइड पर एंट्री
जैसा कि इस साल Google I/O अनाउंसमेंट्स से साफ था, कंपनी अब AI के एक्सपीरियंसेज को और ज्यादा प्लेटफॉर्म्स पर एक्सपैंड करने और उन्हें ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाने पर फोकस कर रही है। कीनोट सेशन के ठीक एक दिन बाद, AI Studio के ऑफिशियल X हैंडल ने अनाउंस किया कि AI Studio को एक मोबाइल मेकओवर मिल रहा है। इसके साथ ही, Google AI Studio एप को प्ले स्टोर पर लिस्टेड देखा गया।
ai studio mobile: build your ideas, wherever you are
coming soon to an app store near youhttps://t.co/DbfloI19Xb pic.twitter.com/rHDCHDi2DQ
— Google AI Studio (@GoogleAIStudio) May 20, 2026
ये Android एप अभी तक रिलीज नहीं हुआ है। लेकिन यूजर्स इसके लिए प्री-रजिस्टर कर सकते हैं और लाइव होने पर ये आटोमैटिकली इंस्टॉल हो जाएगा। ये प्लेटफॉर्म एपल के एप स्टोर पर भी दस्तक देगा, लेकिन टेक दिग्गज ने फिलहाल इसकी कोई रिलीज डेट शेयर नहीं की है।
भले ही इस एप की फंक्शनलिटी के बारे में अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन एप डिटेल पेज के ‘about this app’ सेक्शन में कुछ दिलचस्प बातें मेंशन की गई हैं। इसके पॉसिबल यूज केसेज में, पेज पर स्पेसिफिक टास्क्स के लिए पर्सनलाइज्ड टूल्स, गेम्स, ट्रैकर्स, एप्स और बहुत कुछ बनाने की बात कही गई है। AI Studio मोबाइल को एक ‘ऑन द गो’ सॉल्यूशन के रूप में पेश किया जा रहा है जो यूजर्स को अपने एप आइडिया को हकीकत में बदलने की अनुमति देता है, चाहे यूजर कहीं भी हो।
ये एप कम्युनिटी-बिल्ट एप्स की एक क्यूरेटेड गैलरी भी साथ लाएगा, जिसे यूजर्स थीम, लेआउट बदलने या नए फीचर्स जोड़ने के लिए रीमिक्स कर सकते हैं। इसमें नोटिफिकेशन अलर्ट्स भी मिलेंगे जो ये बताएंगे कि AI ने कब एप या टूल जनरेट करना पूरा कर लिया है, साथ ही इसमें लिंक शेयरिंग, क्रॉस-प्लेटफॉर्म सपोर्ट और बहुत कुछ मिलेगा।
गौरतलब है कि गूगल ने सबसे पहले इस प्लेटफॉर्म को मार्च 2023 में MakerSuite के रूप में लॉन्च किया था, जो डेवलपर्स के लिए शुरुआती PaLM मॉडल्स पर एक्सपेरिमेंट करने वाला एक वेब-बेस्ड, रैपिड-प्रोटोटाइपिंग एनवायरनमेंट था। दिसंबर 2023 में Gemini 1.0 के रिलीज के बाद इसे AI Studio के रूप में रीब्रांड किया गया और इसे मल्टी-मोडल एंट्री पॉइंट्स वाले एक लो-फ्रिक्शन API डिप्लॉयमेंट स्पेस के रूप में पेश किया गया था।
इस साल की शुरुआत में, टेक दिग्गज ने AI Studio के अंदर Antigravity कोडिंग एजेंट को रिलीज किया था, जिससे इसमें फुल-स्टैक वाइब कोडिंग जुड़ गई और AI खुद ही मल्टीप्लेयर कैपेबिलिटीज बिल्ड करने, लाइव डेटाबेस इंटीग्रेट करने और रियल-वर्ल्ड सर्विसेज से कनेक्ट करने में सक्षम हो गया।






