‘करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से खिलवाड़’, भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने पर कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना

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नई दिल्ली(एजेंसी):कांग्रेस ने दशकों से भारतीय हॉकी टीम की पहचान रही ब्लू जर्सी का रंग बदल कर इसे केसरिया किए जाने पर सवाल उठाया है। पार्टी ने इसे संर्कीण राजनीति करार देते हुए हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड की जानकारी के बिना जर्सी का बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार और संघ पर तीखा हमला भी किया।

कांग्रेस का कहना है कि देश के राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में कोई जिनका योगदान नहीं रहा वे अब राष्ट्रीय प्रतीकों को बदल रहे हैं। पार्टी ने टीम इंडिया के जर्सी के रंग से खिलाड़ियों तथा लोगों की जुड़ी भावनाओं को देखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग भी की है।

खरगे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

जर्सी बदलने पर गहराए विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलने का फैसला केवल एक खेल संबंधी निर्णय नहीं है बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और हमारी खेल परंपरा से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी वर्षों से दुनिया भर में ‘मेन इन ब्लू’ और ‘द ब्लूज’ ‘द ब्लू टाइगर्स’ के नाम से पहचाने जाते रहे हैं। यह पहचान केवल जर्सी के रंग की नहीं बल्कि भारतीय खेलों की एक विरासत है।

सरकार के इस कदम पर उठाए सवाल
अपने पोस्ट में आगे खरगे ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज यह समझना कठिन है कि इस ऐतिहासिक पहचान को बदलने की आवश्यकता आखिर क्यों महसूस की गई। प्रश्न किसी रंग का नहीं है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और जनभावनाओं के सम्मान का है।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केसरिया, सफेद और हरा हमारे तिरंगे में तीनों रंग हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ध्वज में भी यह सम्मानपूर्वक स्थान पाता है। दुर्भाग्य यह है कि जिन लोगों की वैचारिक परंपरा का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भी योगदान नहीं रहा वे आज हर राष्ट्रीय प्रतीक और हर सार्वजनिक संस्थान पर अपनी वैचारिक छाप छोड़ने की जल्दबाजी में दिखाई देते हैं।

आरएसएस पर जमकर बरसे खरगे
खरगे ने कहा कि इतिहास जानता है कि आरएसएस ने तिरंगे का कट्टर विरोध किया था और सरदार पटेल ने उन्हें चेतावनी भी दी थी। राष्ट्रीय पहचान तथा प्रतीकों को बदले जाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए खरगे ने कहा कि कभी सड़कों के पेवमेंट पर, कभी संसद के कर्मचारियों के वस्त्रों में, कभी दूरदर्शन के लोगो पर और अब खिलाड़ियों की जर्सी में बिना व्यापक सार्वजनिक सहमति के यह सब किया गया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों, खेलों और खिलाड़ियों को संकीर्णता से भरे राजनीतिक प्रयोगों का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। सरकार और संबंधित संस्थाओं को इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए तथा यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतना महत्वपूर्ण निर्णय बिना हॉकी इंडिया कार्यकारी बोर्ड की जानकारी और सहमति के कैसे लिया गया।

कब केसरिय जर्सी में दिखेंगी भारतीय टीम
गौरतलब है कि पारंपरिक रूप से नीली जर्सी पहनने वाली भारतीय हॉकी टीमें 15 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप के दौरान पहली बार केसरिया जर्सी में दिखेंगी।

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