मेडिकल कॉलेज में चार विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की अनुमति  अब यहीं होगी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पढ़ाई

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कोरबा@M4S:जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कोरबा को अब चार विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से मिल गई है। आगामी सत्र से ही इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेज में विषयों में एमडी कोर्स की स्वीकृति मिली है, जिसमें एमडी एनेस्थीसिया 3 सीट, एमडी स्त्रीरोग (गायनेकोलॉजी) 3 सीट, एमडी  जनरल मेडिसिन 4 सीट, एमडी जनरल सर्जरी 4 सीट शामिल है। इस स्वीकृति के बाद मेडिकल कॉलेज अब स्नातक स्तर के साथ-साथ स्नातकोत्तर स्तर की चिकित्सा शिक्षा का केंद्र भी बन जाएगा। इससे कोरबा और आसपास के जिलों के मेडिकल छात्रों को अन्य शहरों में भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही इन विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढऩे से जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज अब कोरबा में ही संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या बाहर के राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कोरबा के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

पीजी की मान्यता  पर सांसद ने जताया आभार
बिसाहूदास महंत मेडिकल कॉलेज कोरबा में पीजी के 4 संकायों को नेशनल मेडिकल काउंसिल से हरी झंडी मिली जिसमे एमडी एनेस्थीसिया, स्त्रीरोग, व जनरल सर्जरी शामिल है। सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा है कि चिकित्सा महाविद्यालय प्रारम्भ होने के बाद इस दिशा में तेजी से कामकाज हुए। 4 वर्ष में चिकित्सा में पर्याप्त सीटें हासिल हुई है। इसका लाभ चिकित्सा छात्रों को मिल रहा है। आदिवासी जिला कोरबा में स्थापित मेडिकल कालेज में छग सहित अन्य प्रदेशों के छात्र- छात्राएं चिकित्सा क्षेत्र में अध्ययनरत है, अब महाविद्यालय में पीजी के एमडी एनेस्थीसिया, स्त्रीरोग, व जनरल सर्जरी व जनरल मेडिशिन के संकाय का लाभ उच्च शिक्षा के लिए मिल सकेगा। सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कोरबा चिकित्सा महाविद्यालय में सामूहिक प्रयासों से भवन निर्माण के साथ-साथ अन्य जरूरी अधोसंरचना के लिए फंड आबंटित हुआ है और भव्य मेडिकल कालेज भवन सर्व सुविधा युक्त हॉस्टल सहित अन्य जरूरतों के लिए भवन का निर्माण कार्य जारी है। मेडिकल सेक्टर के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगी गायनिक, मेडिसीन, सर्जरी, एनेस्थिसिया जैसे विभाग शुरू किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की जागरूक पहल से छात्रों के अनुसंधान कार्यों के लिए पार्थिव शरीर भी लगातार प्राप्त हो रहे है। उन्होंने कहा कि कोरबा मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए बीते वर्षों में राज्य सरकार तक पहल की गई और वहां से केन्द्र को प्रस्ताव भेजा गया। कोरबा जिले की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। उक्तानुसार कोरबा के पुराने 100 बेड हास्पिटल को मेडिकल कॉजेज से संबंद्ध होकर चलाया जा रहा है। यहां पर पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञों और स्टाफ की पदस्थापना किए जाने से कोरबा सहित आसपास के जिले के मरीजों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सफर को उपलब्धि बताया और कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत,स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग के लिए आभार जताया है। साथ ही स्थानीय मेडिकल कॉलेज के टीम की कोशिशों से इसकी व्यापकता बढ़ रही है जो सराहनीय कदम है।

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