पखवाड़े भर के भीतर हाथी के हमले से दूसरी मौत से दहशत वन विभाग ने पीड़ित परिवार को दी तत्कालिक सहायता राशि

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कोरबा@M4S:मानव- हाथी द्वंद थमने का नाम नही ले रहा। जंगल में विचरण कर रहे हाथी न सिर्फ अनाज व फसल को नुकसान पहुंचा रहे, बल्कि ग्रामीणों की जान भी ले रहे हैं। एक बार फिर जंगल में पुटू निकालने गए वृद्ध का सामना हाथी से हो गया। वे भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचता, इससे पहले ही हाथी ने पैरों तले कुचलकर ग्रामीण की जान ले ली। मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तत्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
घटना कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पीड़िया की है। बताया जा रहा है कि गांव में जहाज सिंह राठिया 55 वर्ष निवास करता था। वह खेती किसानी का काम करता था। गुरूवार की सुबह करीब नौ बजे जहाज सिंह ग्राम तुर्रीकटरा के डुमरकोना झोरखी जंगल पुटू निकालने गया था। वह जंगल के कक्ष क्रमांक पी 1147 में पुटू निकाल रहा था। इसी दौरान जंगल में विचरण कर रहे हाथी से सामना हो गया। जहाज सिंह भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचता, इससे पहले हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले से ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जिसकी सूचना वनपाल पितांबर सिंह कंवर को मिली। उन्होंने आला अफसरों को घटना से अवगत कराया। हाथी के हमले से मौत की खबर मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी अक्ष पलक ऋषि हरकत में आ गए। वे मातहत अधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। रेंजर श्री ऋषि ने मौके का निरीक्षण किया तो मृतक के शरीर में हाथी के कुचलने के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। घटनास्थल पर हाथियों के पांव के निशान मिले, जिससे हाथी के हमले से मौत की पुष्टि हुई। वन अमले की मौजूदगी में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी की। तत्पश्चात मौके पर मौजूद वन परिक्षेत्राधिकारी श्री ऋषि ने वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के नियमानुसार मृतक की पत्नि सुमित्रा बाई को 25 हजार तत्कालिक सहायता राशि प्रदान कर दिया है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से हाथी आक्रामक हो गए हैं। हाथी आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचकर उत्पात मचा रहे हैं। पखवाड़े भर के भीतर कटघोरा व कोरबा वनमंडल में हाथी के हमले से मौत की दूसरी घटना घटित हुई है। बताया जा रहा है कि करतला वन परिक्षेत्र के बडमार व कोटमेर परिसर में बीते कुछ दिनों से 9 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। जिनकी निगरानी थर्मल ड्रोन कैमरे से की जा रही है। विभाग द्वारा सुरक्षा के लिहाज से गांवों में मुनादी कराई जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को मोबाइल ऐप गज संकेत से जोड़ा रहा है, ताकि पांच किलोमीटर के दायरे में हाथी के होने की सूचना तत्काल मैसेज के माध्यम से दी जा सके।

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