सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश

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कोरबा@M4S:सामाजिक विवाह के बावजूद दंपति को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर देने के मामले में दायर परिवाद पर न्यायाधीश ने समाज के दोषी चार (पूर्व और वर्तमान) पदाधिकारी के विरुद्ध अपराध पंजीबद करने का आदेश जारी किया है। दर-दर भटकते दंपति ने सिविल लाइन थाना रामपुर और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि उनके पक्षकार की तरफ से प्रतिवादियों शेखर बंजारा पिता राजकुमार बंजारा निवासी ग्राम बटुरावहार थाना पत्थलगांव, महेन्द्र बंजारा पिता मोहन बंजारा निवासी ग्राम कोतबा, नंद किशोर बंजारा पिता-डिबु बंजारा निवासी ग्राम कोतबा, और श्यामलाल बंजारा पिता दुखुराम बंजारा निवासी ग्राम मेडर सभी पदाधिकारीगण बंजारा समाज पत्थलगांव इकाई के विरुद्ध धारा 175 (3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 की धारा-7(2) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा-308 (2), 61(2), 3(5) के तहत अपराध के संबंध में अन्वेषण कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने आदेशित करने परिवाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सत्यानंद प्रसाद के समक्ष पेश किया गया। मार्च 2024 तक संबंधित बंजारा समाज के अध्यक्ष एवं सचिव के पद पर थे एवं परिवादी से उद्यापित रकम वसूल करते हुए समाज से बहिष्कृत रखा। माह अप्रैल 2024 में बंजारा समाज के अध्यक्ष पद पर नंदकिशोर बंजारा एवं सचिव के पद पर श्याम लाल बंजारा के द्वारा कार्य भार संभाला गया। इनसे पीड़ित ने पूर्व में समाज में जोड़ने वास्ते उद्यापित की गई रकम संबंधी बातों को बताते हुए समाज में वापस जोड़ने हेतु आवेदन किया, जिस पर पावती देने से इंकार कर दिया गया। अंतत: थक-हार कर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली,किंतु वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो न्यायालय में अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल के माध्यम से परिवाद पेश किया। न्यायाधीश ने सभी पक्षों के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन एवं परीक्षण किया। इसके पश्चात परिवाद का निराकरण करते हुए कहा कि- संबंधित थाना प्रभारी, सिविल लाईन रामपुर कोरबा द्वारा आवेदक को शिकायत प्राप्त करने के पश्चात पावती नहीं देना और न्यायालय के आदेश के पश्चात भी सम्यक अन्वेषण नहीं करना मामले में संदेह उत्पन्न करता है। अत: कहा जा सकता है कि थाना प्रभारी, सिविल लाईन रामपुर कोरबा द्वारा प्रकरण में प्रथम सूचना पत्र पंजीबद्ध ना करके अपने कर्तव्यों का पालन ना करते हुये अपने कर्तव्यों का उल्लंघन किया है। न्यायाधीश ने समग्र अभिलेख के अवलोकन उपरांत थाना प्रभारी, सिविल लाईन रामपुर कोरबा को इस आदेश पत्रिका की प्रतिलिपि एवं परिवाद पत्र की प्रतिलिपि प्रेषित कर आदेश दिया है कि तीन दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से उपरोक्त चारों व्यक्तियों शेखर बंजारा, महेन्द्र बंजारा, नन्द किशोर बंजारा एवं श्याम लाल बंजारा के विरूद्ध समुचित धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना पत्र पंजीबद्ध तथा पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत और पूर्णत: स्वच्छ अन्वेषण कर अंतिम प्रतिवेदन संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत करने आदेशित किया है।

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