नई दिल्ली(एजेंसी):जापान में 7.5 तीव्रता वाले भूकंप के बाद देश में सुनामी का खतरा बढ़ गया, जिसके चलते अधिकारियों ने तत्काल चेतावनी जारी की है। भूकंप के बाद करीब 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गईं।
जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था, जिससे तटीय इलाकों में झटके काफी तेज महसूस किए गए। कई शहरों में इमारतें हिल गईं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुनामी का खतरा और चेतावनी
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। कुछ तटीय क्षेत्रों में 80 सेमी तक ऊंची लहरें दर्ज की गईं, जिससे प्रशासन ने लोगों को समुद्र तट से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। कई जगहों पर लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में शिफ्ट किया गया है।
प्रशासन और राहत कार्य
सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया गया है, जबकि रेलवे और कुछ उड़ानों पर भी अस्थायी असर पड़ा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
जापान में भूकंप का इतिहास
जापान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। हालांकि, देश के पास मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली है, जिससे बड़े नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (झटके) आ सकते हैं। प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।





































