सप्ताहभर से रुक-रुककर हो रही वर्षा,बंगाल की खाडी में बना नया सिस्टम

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मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में लौटी, कुछ दिनों तक बारिश के आसार
कोरबा@M4S:जिले में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़क और निचले हिस्सों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हो रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने फिर बारिश बढ़ने के संकेत दिए हैं। बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी तंत्र सक्रिय हुआ है, जो अगले दिनों में और मजबूत होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जिले में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका अब अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बने नए तंत्र का प्रभाव भी प्रदेश के मौसम पर पड़ने की संभावना है। यह तंत्र मजबूत होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलता है तो इसका असर उत्तर छत्तीसगढ़ समेत आसपास के इलाकों में दिखाई देगा। नए सिस्टम के सक्रिय होने से पहले ही जिले में पिछले सप्ताहभर से बारिश का दौर चल रहा है। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो रही है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भी पानी गिरा है। लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी तंत्र आगे चलकर निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पहुंचेगा।

नदी-नालों के आसपास सतर्कता जरूरी
मौसम के मौजूदा सिस्टम को देखते हुए जिले में आने वाले दिनों में बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं। नए तंत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और नदी-नालों के आसपास रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

कभी भी खोला जा सकता है मिनीमाता बांगो बाँध का गेट, अलर्ट जारी
मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। बांगो जलाशय के कार्यपालन अभियंता एस.के.भारती ने बताया कि बांगो जलाशय में जलभराव 89.55 प्रतिशत है। जलाशय में पानी की आवक बढ़ने पर कभी भी मिनीमाता जलाशय का गेट खोलकर पानी बहाया जा सकता है। वर्षाकाल के दौरान आवश्यकता होने पर मिनी माता बांगो बांध माचाडोली से हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जायेगा। कार्यपालन अभियंता ने सर्व साधारण एवं कार्य संबंधितों को सूचित किया है कि मिनीमाता बांगो जलाशय में बारिश के साथ ही जलभराव में वृद्धि हुई है। आज की स्थिति में बांगो जलाशय में जल भराव मीटर 89.55 प्रतिशत है। उक्त बांध से नीचे, हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल सम्पत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जायें। बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयां, संस्थानों आदि को भी सूचित किया गया है कि वे अपनी परिसम्पत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर कर लेवें। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने कहा है कि अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध ने बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ये हैं बाढ़ संभावित इलाके
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित गांवो में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडाड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा, सिरकीकला आदि शामिल हैं।

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