IND vs ENG: सिर्फ कप्तान नहीं इन 5 खिलाड़ियों ने भी पिटवाई भद्द, टीम इंडिया की हार के बने विलेन

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नई दिल्ली(एजेंसी):विश्व चैंपियन भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड में बिना एक भी मैच जीते टी20 सीरीज हारकर लौट रही है। इससे पहले आयरलैंड ने भी उसे दो मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से मात दी थी। ये सब कुछ हुआ श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जिन्हें हाल ही में नेतृत्व सौंपा गया था। इस हार का सारा ठीकरा उन्हीं के सिर फोड़ा जा रहा, लेकिन अकेले अय्यर इसके जिम्मेदार नहीं हैं।

क्रिकेट एक टीम गेम है। बेशक कप्तान की जिम्मेदारी ज्यादा होती है और एक अच्छा कप्तान बुरी टीम को भी विजेता बना सकता है और एक खराब कप्तान अच्छी टीम को भी खराब कर सकता है, लेकिन टीम को बेहतर करने के लिए सभी खिलाड़ियों के योगदान की जरूरत है। इंग्लैंड में भारतीय टीम में यही कमी दिखी। कप्तान तो इस हार के दोषी हैं ही, लेकिन उनके अलावा पांच और खिलाड़ी हैं जो इस हार में सबसे बड़े गुनहगार बने हैं।

ये हैं टीम इंडिया के 5 गुनहगार
शिवम दुबे

बीते तकरीबन दो साल में भारत को टी20 में जो सफलता मिली थी उसमें शिवम दुबे का साइलैंट योगदान रहा था। अहम समय पर बल्ले से छोटी-छोटी पारियां खेल मैच जिताए तो एशिया कप-2025 के फाइनल में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने पर गेंदबाजी भी संभाली। टी20 वर्ल्ड कप-2026 में भी उनका योगदान छोटा, लेकिन बहुत ही ज्यादा अहम था। हालांकि, दुबे इस इंग्लैंड दौरे पर साइलैंट विलेन भी बन गए। न उनका बल्ला चला और जब गेंदबाजी में मौका दिया गया तो वहां भी फेल रहे। पांच मैचों में उन्होंने तीन ही विकेट लिए जबकि बल्ले से निकले सिर्फ 85 रन।

ईशान किशन

टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले न्यूजीलैंड सीरीज में जगह बनाने वाले ईशान किशन ने आते ही तूफान मचाया। टी20 वर्ल्ड कप में भी तूफानी बैटिंग की और भारत की सपाट पिचों पर टीम की जीत के हीरो बने, लेकिन जैसे ही मैदान बदले ईशान का जोश ठंड़ा हो गया। चौके-छक्कों में डील करने वाला ये बल्लेबाज बाउंड्री के लिए तरसता रहा। स्ट्राइक रेट भी नीचे आया और नंबर-3 पर ईशान वो कमाल नहीं कर सके जिसकी उम्मीद थी। पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ 122 रन बनाए। जिसमें एक संघर्ष के साथ पूरा किया गया अर्धशतक शामिल है।

तिलक वर्मा

टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम के उप-कप्तान बने तिलक वर्मा से बेहतर खेल की उम्मीद थी, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर उनका बल्ला मानो जंग खा गया। न विकेट पर टिक पाए और न ही बड़ी पारी खेल पाए। पांच मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 104 रन ही निकले जिसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं रहा।

अर्शदीप सिंह

नई गेंद से भारत को विकेट दिलाने की जिम्मेदारी बाएं हाथ के गेंदबाज अर्शदीप सिंह की होती है। इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में जहां गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलती है वहां अर्शदीप से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस खिलाड़ी ने सिर्फ निराश ही किया। पांच मैचों में उन्होंने सिर्फ चार विकेट लिए। वह इस सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। इसी से समझा जा सकता है कि भारत की गेंदबाजी कितनी बुरी स्थिति में थी।

अक्षर पटेल

टी20 वर्ल्ड कप में अपनी बल्लेबाजी और स्पिन से जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले पूर्व उप-कप्तान अक्षर पटेल ने भी काफी निराश किया। उन्होंने भी पांच मैचों में सिर्फ चार विकेट लिए और बल्ले से निकले सिर्फ 19 रन। ये भारत के मुख्य ऑलराउंडर का हाल है तो हार तो मिलनी ही थी।

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