नई दिल्ली(एजेंसी):सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज (gold silver price crash) की गई। मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच सोना 3,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जबकि चांदी में 10,500 रुपए प्रति किलो की बड़ी गिरावट देखने को मिली।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार,
99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 3,000 रुपए (gold price crash) या करीब 2 फीसदी गिरकर 1,49,300 रुपए प्रति 10 ग्राम (gold price today) (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। यह स्तर करीब तीन महीने का निचला स्तर माना जा रहा है। इससे पहले 27 मार्च को सोना 1,47,800 रुपए (gold rate today) प्रति 10 ग्राम के आसपास था।”
₹2.35 लाख पर आई चांदी
चांदी की कीमतों में और भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली। चांदी 10,500 रुपए (silver price crash) या 4.3 फीसदी टूटकर 2,35,000 रुपए प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई। यह दो महीने से अधिक समय का सबसे निचला स्तर है। तीन अप्रैल को चांदी 2,37,000 रुपए प्रति किलोग्राम (silver rate today) पर कारोबार कर रही थी।
क्यों टूटा सोना-चांदी?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, मजबूत डॉलर और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीति बैठक और ब्याज दरों के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि,
सोमवार को अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों के चलते सोने-चांदी में हल्की तेजी आई थी, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिक सकी। बाजार का फोकस फिर से ब्याज दरों पर लौट आया, जिससे बिकवाली बढ़ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। हाजिर सोना 70 डॉलर से ज्यादा टूटकर 4,121 डॉलर प्रति औंस (gold rate comex) के करीब पहुंच गया। वहीं चांदी में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और यह 62 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती दिखी।
विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़कर 101.15 के स्तर पर पहुंच गया है, जो मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। डॉलर मजबूत होने से सोना और चांदी जैसी धातुएं निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई आंकड़े, जीडीपी डेटा और फेड अधिकारियों के बयान सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। यदि अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है और ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत मिलते हैं, तो सोने और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल बाजार में कमजोरी का माहौल है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका भी साबित हो सकती है।






