तीरंदाजी में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी और चीन को मात, जानिए एशियन गेम्स में सोना जीतने वाली भारत की ‘गोल्डन गर्ल्स’ के बारे में

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नई दिल्‍ली(एजेंसी):जापान के आइची प्रान्त की राजधानी नागोया में चल रहे एशियन गेम्‍स 2026 के 11वें दिन भारत की गोल्‍डन शुरुआत हुई। सुबह-सुबह तीरंदाजी में भारत ने कंपाउंड महिला टीम इवेंट में गोल्ड जीता। प्रिथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम से फाइनल में एक भी तीर नहीं चूका। इसी वजह से भारत महिला टीम के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर पाया।
भारत ने चीन को 238-234 से हराया और कंपाउंड इवेंट में महिला टीम का गोल्ड मेडल बरकरार रखा। मौजूदा एशियाई खेलों में भारत का यह सातवां गोल्ड मेडल है। इसके बाद से ही खेल प्रेमियों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चिकिता तनिपर्थी, प्रिथिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम कौन हैं?

नेशनल लेवल की तैराक रहीं ज्‍योति
आंध्र प्रदेश के चल्लापल्ली में 3 जुलाई 1996 को जन्मीं ज्योति सुरेखा वेन्नम पहले नेशनल लेवल की तैराक रहीं। ज्योति ने कम उम्र में ही तीरंदाजी अपना ली और तेजी से आगे बढ़ते हुए दुनिया की बेहतरीन कंपाउंड तीरंदाजों में शुमार हो गईं। उन्होंने 2011 में सीनियर इंटरनेशनल लेवल पर डेब्यू किया और तब से एशियाई खेलों, वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप, आर्चरी वर्ल्ड कप, एशियाई चैंपियनशिप और वर्ल्ड गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में महिलाओं की व्यक्तिगत, महिलाओं की टीम और मिक्स्ड टीम इवेंट्स में तीन गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। वह खेलों के एक ही एडिशन में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान ज्योति ने कई इंटरनेशनल मेडल जीते हैं। इनमें जिनमें वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप, आर्चरी वर्ल्ड कप, एशियाई खेल, एशियाई चैंपियनशिप और वर्ल्ड गेम्स में जीते गए कई गोल्ड मेडल शामिल हैं।

उपलब्धियां

  • वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप: 1 गोल्ड (टीम – 2023), 4 सिल्वर (इंडिविजुअल – 2021; टीम – 2025, 2021, 2017), 3 ब्रॉन्ज (इंडिविजुअल – 2023, 2019; टीम- 2019)
  • अर्जुन अवॉर्ड 2017
  • वर्ल्ड आर्चरी यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप: 1 गोल्ड (टीम- 2016)
  • वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप: 1 ब्रॉन्ज (टीम- 2013)
  • वर्ल्ड कप फाइनल: 2 सिल्वर (इंडिविजुअल- 2025; टीम- 2018)
  • वर्ल्ड कप स्टेज: 11 गोल्ड (इंडिविजुअल- 2024, 2023; टीम- 2026, 2025, 2024, 2024, 2024, 2023, 2023, 2023, 2022), 8 सिल्वर (इंडिविजुअल- 2025, 2022; टीम – 2026, 2025, 2025, 2024, 2018, 2018), 7 ब्रॉन्ज (इंडिविजुअल – 2023; टीम- 2025, 2023, 2018, 2018, 2018, 2018)
  • यूनिवर्सियाड: 1 सिल्वर (टीम- 2015) वर्ल्ड गेम्स: 1 ब्रॉन्ज (टीम- 2022)
  • एशियन गेम्स: 2 गोल्ड (इंडिविजुअल- 2023; टीम- 2023), 1 सिल्वर (टीम- 2018)
  • एशियन आउटडोर चैंपियनशिप: 7 गोल्ड (इंडिविजुअल- 2025, 2021, 2015; टीम- 2025, 2023, 2019, 2017), 5 सिल्वर (व्यक्तिगत- 2023; टीम- 2021, 2019, 2017, 2015), 2 ब्रॉन्ज (व्यक्तिगत- 2017; टीम – 2011)
  • एशियन ग्रां प्री सर्किट: 2 गोल्ड (व्यक्तिगत- 2015; टीम – 2016), 2 सिल्वर (टीम- 2016, 2015)

किसान परिवार से हैं चिकिता तनिपर्थी

चिकिता तनिपर्थी तेलंगाना की एक कंपाउंड आर्चर हैं। एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली चिकिथा को उनके पिता ने ही तीरंदाजी से परिचित कराया और वही उनके पहले मार्गदर्शक बने। जब वह दूसरी कक्षा में थीं तब अखबार में इस खेल के बारे में पढ़ने के बाद उनके पिता ने उन्हें तीरंदाजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने 2018 में औपचारिक रूप से अपना तीरंदाजी का सफर शुरू किया और समय के साथ, यह खेल उनकी शुरुआती दिलचस्पी से बदलकर एक गहरे जुनून में बदल गया। उनके परिवार के प्रोत्साहन और समर्थन ने उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ इस खेल को आगे बढ़ाने का आधार प्रदान किया। 2021 में चिकिथा ने पेशेवर रूप से तीरंदाजी शुरू की, जो एक प्रतिस्पर्धी एथलीट के रूप में उनके विकास का एक महत्वपूर्ण चरण था।

उन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और बाद में भारत की कंपाउंड तीरंदाजी टीम की एक महत्वपूर्ण सदस्य बनीं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि विन्निपेग में आयोजित 2025 वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में मिली, जहां उन्होंने अंडर-21 महिला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और इस प्रतियोगिता के इतिहास में यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने 2025 आर्चरी वर्ल्ड कप सर्किट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के शानदार प्रदर्शन में योगदान दिया।

उपलब्धियां

  • वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप: 1 गोल्ड (व्यक्तिगत – 2025)
  • वर्ल्ड कप स्टेज: 2 सिल्वर (टीम – 2026, 2025)
  • एशियन ग्रां प्री सर्किट: 1 गोल्ड (टीम – 2026), 1 सिल्वर (टीम – 2026), 1 ब्रॉन्ज (टीम – 2025)

प्रिथिका प्रदीप ने शौके तौर पर अपनाया

प्रिथिका प्रदीप ने स्कूल में पढ़ते हुए तीरंदाजी का सफर शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने इसे 5वीं कक्षा में एक शौक के तौर पर अपनाया था। वह तीरंदाजी की ओर इसलिए आकर्षित हुईं क्योंकि यह उनके लिए नया और दिलचस्प था, और जो चीज शुरू में मनोरंजन के लिए थी, वह धीरे-धीरे इस खेल के प्रति गहरे जुनून में बदल गई।

उनके बढ़ते जुनून और क्षमता को देखते हुए उनके माता-पिता ने उन्हें तीरंदाजी को और गंभीरता से लेने के लिए प्रोत्साहित किया और 6वीं कक्षा से ही उन्हें प्रोफेशनल कोचिंग क्लास में दाखिला दिला दिया। उनके माता-पिता के सहयोग ने उन्हें स्कूल-स्तर के शौकिया खिलाड़ी से एक प्रतिस्पर्धी एथलीट बनने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और तब से वह भारत की कंपाउंड महिला टीम की एक अहम सदस्य बन गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने कंपाउंड तीरंदाजी, खासकर टीम इवेंट्स में भारत की सफलता में योगदान दिया है। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान इससे पहले तक पृथिका ने 7 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते। इनमें 1 गोल्ड, 5 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल है।

उपलब्धियां

  • वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप: 2 सिल्वर (व्यक्तिगत – 2025; टीम – 2025)
  • वर्ल्ड कप स्टेज: 2 सिल्वर (टीम – 2026, 2025), 1 ब्रॉन्ज (व्यक्तिगत – 2026)
  • एशियन आउटडोर चैंपियनशिप: 1 गोल्ड (टीम – 2025), 1 सिल्वर (व्यक्तिगत – 2025)

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