शिमला-मनाली की भीड़ से बचना है? इस लॉन्ग वीकेंड प्लान करें ‘रिवर्स ट्रैवल’, बचेंगे पैसे और मिलेगा सुकून

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नई दिल्ली(एजेंसी):अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही लॉन्ग वीकेंड आ रहा है। लॉन्ग वीकेंड पर हर कोई चाहता है कि वह किसी खूबसूरत जगह पर घूमने जाए, लेकिन हाईवे पर लंबा जाम, महंगे होटल और टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी भीड़ ट्रिप का पूरा मजा किरकिरा कर देते हैं।

ऐसे में अगर आप भी इस लॉन्ग वीकेंड पर कही जाना चाहते हैं, लेकिन ट्रैफिक और बेहिसाब खर्च से बचना है, तो आपको ट्रैवलिंग का स्मार्ट तरीका रिवर्स ट्रैवल आजमाना चाहिए। सुनने में ये थोड़ा कन्फ्यूजिंग लग सकता है, लेकिन यकीन मानिए इससे आप ट्रैफिक जाम से भी बच सकते हैं और होटलों के महंगे दामों से भी। आइए जानें क्या है रिवर्स ट्रैवलिंग।

रिवर्स ट्रैवलिंग के फायदे क्या हैं?

लॉन्ग वीकेंड पर घूमने जाने के लिए जब हर कोई हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम पर फंसे होंगे, तब आप खाली सड़कों पर आराम से ट्रैवल कर सकते हैं। इससे ट्रैवलिंग में आपका काफी समय बच जाएगा। साथ ही, जब किसी जगह की डिमांड कम होती है, तो वहां होटलों के कमरे और फ्लाइट की टिकट भी काफी सस्ते दामों में मिल जाती है। इसलिए रिवर्स ट्रैवलिंग में आप कम बजट में भी बहुत शानदार होटल में रुकने का एक्सपीरिएंस ले सकते हैं।

रिवर्स ट्रैवलिंग का एक फायदा है कि भीड़ और शोर से दूर, आप आराम से अपनी छुट्टियों का मजा ले सकते हैं। दिमाग को दोबारा रिफ्रेश करने का ये सबसे बेहतरीन तरीका है।

कैसे प्लान करें रिवर्स प्लानिंग?

लॉन्ग वीकेंड पर अक्सर लोग पहाड़ों या बीच पर घूमने निकल पड़ते हैं, ऐसे में आप चाहें, तो अपने शहर में ही कोई स्टेकेशन प्लान कर सकते हैं। इस समय आपके शहर के होटलों में आपको काफी डिसकाउंट मिल सकता है, क्योंकि लोग शहरों से बाहर घूमने गए होते हैं।

इसके अलावा, आप किसी ऑफ बीट डेस्टिनेशन को चुन सकते हैं। शिमला, मनाली या गोवा जैसी जगहों पर ज्यादा भीड़ इकट्ठा होती है। इसलिए किसी ऐसी जगह को चुन सकते हैं, जो खूबसूरत हो, लेकिन इतनी मशहूर न हो।

रिवर्स ट्रैवलिंग में टाइमिंग का ध्यान रखना भी जरूरी है। कोशिश करें कि आप लॉन्ग वीकेंड के एक दिन पहले निकल जाएं और वापस आने की टाइमिंग भी एक दिन पहले या बाद की रखें। इससे सड़कों पर जाम कम मिलेगा।

। अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही लॉन्ग वीकेंड आ रहा है। लॉन्ग वीकेंड पर हर कोई चाहता है कि वह किसी खूबसूरत जगह पर घूमने जाए, लेकिन हाईवे पर लंबा जाम, महंगे होटल और टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी भीड़ ट्रिप का पूरा मजा किरकिरा कर देते हैं।

ऐसे में अगर आप भी इस लॉन्ग वीकेंड पर कही जाना चाहते हैं, लेकिन ट्रैफिक और बेहिसाब खर्च से बचना है, तो आपको ट्रैवलिंग का स्मार्ट तरीका रिवर्स ट्रैवल आजमाना चाहिए। सुनने में ये थोड़ा कन्फ्यूजिंग लग सकता है, लेकिन यकीन मानिए इससे आप ट्रैफिक जाम से भी बच सकते हैं और होटलों के महंगे दामों से भी। आइए जानें क्या है रिवर्स ट्रैवलिंग।

क्या होती है रिवर्स ट्रैवलिंग?

रिवर्स ट्रैवलिंग का सीधा मतलब है उस जगह जाना, जहां भीड़ नहीं जा रही है या उस समय जाना जब सभी वहां से वापस लौट रहे हो। इसे ऐसे समझिए कि लॉन्ग वीकेंड्स पर अक्सर लोग पहाड़ों पर या किसी मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर जाने का प्लान बनाते हैं। लेकिन रिवर्स ट्रैवलिंग आप उन जगहों को चुनते हैं, जहां लोग कम जाते हैं और बहुत मशहूर भी नहीं है।

इससे आपको उस जगह पर लोगों की भीड़ का सामना नहीं करना पड़ता है और क्योंकि उस जगह कम लोग जाते हैं इसलिए ट्रैफिक जाम से भी बच जाते हैं।

रिवर्स ट्रैवलिंग के फायदे क्या हैं?

लॉन्ग वीकेंड पर घूमने जाने के लिए जब हर कोई हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम पर फंसे होंगे, तब आप खाली सड़कों पर आराम से ट्रैवल कर सकते हैं। इससे ट्रैवलिंग में आपका काफी समय बच जाएगा। साथ ही, जब किसी जगह की डिमांड कम होती है, तो वहां होटलों के कमरे और फ्लाइट की टिकट भी काफी सस्ते दामों में मिल जाती है। इसलिए रिवर्स ट्रैवलिंग में आप कम बजट में भी बहुत शानदार होटल में रुकने का एक्सपीरिएंस ले सकते हैं।

रिवर्स ट्रैवलिंग का एक फायदा है कि भीड़ और शोर से दूर, आप आराम से अपनी छुट्टियों का मजा ले सकते हैं। दिमाग को दोबारा रिफ्रेश करने का ये सबसे बेहतरीन तरीका है।

कैसे प्लान करें रिवर्स प्लानिंग?

लॉन्ग वीकेंड पर अक्सर लोग पहाड़ों या बीच पर घूमने निकल पड़ते हैं, ऐसे में आप चाहें, तो अपने शहर में ही कोई स्टेकेशन प्लान कर सकते हैं। इस समय आपके शहर के होटलों में आपको काफी डिसकाउंट मिल सकता है, क्योंकि लोग शहरों से बाहर घूमने गए होते हैं।

इसके अलावा, आप किसी ऑफ बीट डेस्टिनेशन को चुन सकते हैं। शिमला, मनाली या गोवा जैसी जगहों पर ज्यादा भीड़ इकट्ठा होती है। इसलिए किसी ऐसी जगह को चुन सकते हैं, जो खूबसूरत हो, लेकिन इतनी मशहूर न हो।

रिवर्स ट्रैवलिंग में टाइमिंग का ध्यान रखना भी जरूरी है। कोशिश करें कि आप लॉन्ग वीकेंड के एक दिन पहले निकल जाएं और वापस आने की टाइमिंग भी एक दिन पहले या बाद की रखें। इससे सड़कों पर जाम कम मिलेगा।

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