राज्यसभा सांसद डोला सेन की अध्यक्षता में निर्यातकों को वित्तीय सहायता, ऋण और बीमा सुविधाओं के विस्तार पर रायपुर में विचार-विमर्श
रायपुर@M4S:राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है।
बैठक के दौरान भारत से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण एवं बीमा सुविधाओं तथा इनके विस्तार हेतु उठाए गए उपायों पर विशेष चर्चा की गई। इस संबंध में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया तथा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
प्रतिनिधियों ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सेवाओं, ऋण सुविधाओं, जोखिम प्रबंधन तंत्र तथा बीमा योजनाओं की जानकारी साझा की। समिति ने निर्यात संवर्धन, किसानों एवं उद्यमियों को वित्तीय सहायता की सुगमता तथा वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद अमरा राम,बिश्वजीत सिन्हा,रमेश अवस्थी,अतुल गर्ग,धनंजय भीमराव महाडिक,रेणुका चौधरी,रोजी सैलो दामोदरन,लामनेई सिंगसित,दिलीप यादव,सदानंद महालू शेट तानवड़े, अनीता शुभदर्शिनी, डॉ.शिवपाल सिंह पटेल,आनंद भदौरिया, डॉ.प्रशांत यादवराव पडोले,डॉ.संगीता बलवंत,विजया एस.राजशेखर,राजेन्द्र कुमार तथा गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने विषय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने, वित्तीय एवं बीमा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।






