कोरबा@M4S:रायपुर से चलने वाली ट्रेनें हों या लंबी दूरी की अन्य एक्सप्रेस गाड़ियां, बिलासपुर से कोरबा के बीच पहुँचते-पहुँचते इनकी रफ्तार पर अक्सर ब्रेक लग जाता है। भीषण गर्मी में ट्रेनों की लेट लतीफी ने परेशानी बढ़ा दी है।
स्थिति यह है कि कभी ट्रेनों को बिलासपुर स्टेशन पर ही लंबे समय तक रोक दिया जाता है, तो कभी रवाना होने के बाद गतौरा और जयरामनगर के बीच रेड सिग्नल थमा दिया जाता है। यदि ट्रेन यहाँ से समय पर निकल भी जाए, तो चांपा से कोरबा के बीच गति अवरोध (कॉशन) मिलना लगभग तय होता है। कई बार ट्रेन उरगा तक तो समय पर पहुँचती है, लेकिन वहां से कोरबा स्टेशन की महज कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में निर्धारित से कई गुना अधिक समय लग जाता है। पिछले पांच दिनों से कोरबा आने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का यही हाल है। इन पांच दिनों
में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब गाड़ियां अपने निर्धारित समय पर कोरबा पहुंची हों। रेल सूत्रों और यात्रियों के अनुसार, बिलासपुर डिवीजन में ट्रेनों की इस लेटलतीफी का मुख्य कारण गुड्स ट्रेनों को प्राथमिकता देना है। चाहे कोयला लदी मालगाड़ी हो या खाली रैक, उनके लिए रूट क्लियर रखा जाता है, जिसके कारण यात्री ट्रेनों को घंटों आउटर या छोटे स्टेशनों पर खड़ा रहना पड़ता है। लिंक एक्सप्रेस की स्थिति बुधवार और गुरुवार को बेहद खराब रही। गुरुवार को यह ट्रेन दोपहर 1:23 बजे कोरबा पहुँची। बिलासपुर में इस गाड़ी का स्टॉपेज मात्र 10 मिनट का है, लेकिन इसे वहां 16 मिनट तक रोका गया। सुबह 10:51 बजे बिलासपुर से छूटने के बाद चांपा तक तो गाड़ी सामान्य चली, लेकिन चांपा से कोरबा की संक्षिप्त दूरी तय करने में इसे 1 घंटा 10 मिनट का समय लग गया।
भीषण गर्मी में ट्रेनों की लेट लतीफी ने बढ़ाई परेशानी बिलासपुर से कोरबा पहुँचते-पहुँचते हो रही लेट
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