रायपुर(एजेंसी): छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले से बुनियादी सुविधाओं की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां की ग्राम पंचायत लोहारी के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम नवापारा के लोग इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच गांव की करीब 300 की आबादी पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर कुएं के भीतर उतरना पड़ रहा है, ताकि वे पीने के लिए थोड़ा सा पानी जुटा सकें।
जान जोखिम में डालकर पानी भरने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सुबह 4 बजे से ही पानी के लिए कतारें लग जाती हैं, जो रात 12 बजे तक चलती हैं। दिन-रात की इस जद्दोजहद के बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नसीब नहीं हो रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है, जिनका पूरा समय सिर्फ पानी की व्यवस्था करने में ही बीत रहा है।
दूषित पानी से बीमारियों का खतरा
ग्रामीण इंद्रकुमार, गुनोतिया सिंह और इंद्रपाल सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि कुएं की तलहटी में जो थोड़ा-बहुत पानी बचता है, वह बेहद गंदा और मिट्टी युक्त होता है।
इसी मटमैले पानी को छानकर ग्रामीण पीने और खाना बनाने के लिए मजबूर हैं, जिससे गांव में जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण लोगों के पास इस दूषित पानी को पीने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
कागजों तक सीमित ‘जल जीवन मिशन’
एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं नवापारा के लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी धरातल पर योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में तो पाइपलाइन और योजनाएं पूरी दिखती हैं, लेकिन उनके घरों की नलियां सूखी पड़ी हैं।
इस संबंध में लोहारी ग्राम पंचायत के सरपंच मोती सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जो पानी की टंकी बनाई गई थी, उसमें भारी लीकेज है। पानी भरते ही वह बह जाता है।
इसके अलावा विभाग द्वारा कराए गए अधिकांश बोरवेल भी फेल हो चुके हैं। सरपंच ने कहा कि ग्रामीणों की तकलीफ को देखते हुए पंचायत स्तर पर पिछले एक हफ्ते से टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है, जो कि नाकाफी है।
कलेक्टर ने दिए जांच के सख्त निर्देश
मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आया है। एमसीबी जिले की कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था शुरू कराई जा रही है।
इसके साथ ही कलेक्टर ने जल जीवन मिशन की टंकी में लीकेज और फेल हुए बोरवेलों की जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






