ATM से पैसे निकालते वक्त रहें सावधान,ठगों ने निकाला चोरी का नया तरीका; ‘लोहे की पत्ती’ से खाली कर रहे खाता

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पश्चिम दिल्ली(एजेंसी):अगर आप एटीएम से पैसे निकालने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। द्वारका जिला पुलिस ने एटीएम से ठगी करने वाले एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका ‘मोडस आपरेंडी’ (काम करने का तरीका) जानकर पुलिस भी हैरान रह गई।

ये ठग किसी हाइ-टेक सॉफ्टवेयर या कार्ड क्लोनिंग से नहीं, बल्कि महज एक स्टील की साधारण पट्टी (प्लेट) के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे थे।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

आरोपित सबसे पहले एटीएम के कैश डिस्पेंसर स्लाट (जहां से नोट बाहर आते हैं) पर एक विशेष रूप से तैयार की गई स्टील की पट्टी या प्लेट चिपका देते थे। यह प्लेट हूबहू मशीन के हिस्से जैसी ही दिखती थी। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने के लिए कार्ड स्वाइप करता और पिन डालता, तो बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज तो आ जाता था और मशीन के अंदर नोट भी गिन लिए जाते थे, लेकिन बाहर लगी स्टील की प्लेट के कारण कैश वहीं फंस जाता था और बाहर नहीं आ पाता था।

पैसे बाहर न आने पर ग्राहक को लगता था कि एटीएम मशीन खराब है या उसमें नदकी खत्म हो गया है। परेशान होकर जैसे ही ग्राहक एटीएम केबिन से बाहर निकलता, बाहर खड़े ठग तुरंत अंदर दाखिल हो जाते। ग्राहक के जाते ही ये ठग उस स्टील की प्लेट को हटाते, अंदर फंसे हुए नोट निकालते रफूचक्कर हो जाते।

रंगे हाथों दबोचे गए हरियाणा के दो शातिर ठग

द्वारका सेक्टर-7 के रामफल चौक पर स्थित बैंक आफ इंडिया के एटीएम में यह गिरोह इसी तरह एक पीड़ित नदीम खान के 8,000 रुपए फंसा चुका था। लेकिन तभी वहां गश्त कर रहे द्वारका साउथ थाने के हेड कांस्टेबल मनोज ने पीड़ित का शोर सुना और मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों ठगों को मौके पर ही दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपितों में मो. हुसैन और मो. आबिद शामिल है, जो हरियाणा के नूंह (मेवात) के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी की रकम, वारदात में इस्तेमाल होने वाली 3 स्टील की प्लेटें और बाइक बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपितों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में पहले से ही करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं।

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