नई दिल्ली(एजेंसी):हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ एडिट किए गए आपत्तिजनक वीडियो के मामले में केस दर्ज किया है। हैदराबाद पुलिस ने Meta के इंडिया हेड अरुण श्रीनिवास और कई फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दरअसल, एआई (AI) द्वारा तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री से सामाजिक शांति बिगड़ने का आरोप लगाते हुए तेलंगाना के दो निवासियों की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज की गई है।
जिन्होंने आरोप लगाया है कि इंस्टाग्राम ब्राउज करते समय, उन्हें कई मॉर्फ्ड और डिजिटल रूप से हेरफेर किए गए, कई वीडियो और छवियां मिलीं, जिनमें प्रधानमंत्री को अश्लील, अपमानजनक और गुमराह करने वाले तरीके से चित्रित किया गया था।
विवाद के बाद मेटा ने भारत सरकार को पत्र लिखकर वीआईपी अकाउंट्स की निगरानी बढ़ाने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कंटेंट की जांच कराने का भरोसा दिया है।
पुलिस ने दर्ज किए दो मामले
ये शिकायतें 29 वर्षीय व्यवसायी एस अरविंद रेड्डी और तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ता टी साईकिरण गौड़ ने दर्ज कराई हैं। जिसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के हैंडलर्स को आरोपी बनाया है, जबकि मेटा के इंडिया हेड को दोनों मामलों में सह-आरोपी के रूप में नामजद किया है।
हैदराबाद पुलिस को की शिकायत में आरोप लगाया गया है, “प्रधानमंत्री और हेरफेर की गई सामग्री में दिखाए गए अन्य व्यक्तियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा, उपहास और अभद्र टिप्पणियां शामिल हैं, जिससे पोस्ट की आपत्तिजनक प्रकृति और बढ़ जाती है और उनका व्यापक प्रसार और सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।
ऐसा प्रतीत होता है कि उपरोक्त सामग्री को डिजिटल रूप से एडिट किया गया है या एआई द्वारा बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
मेटा ने दिया भरोसा
मेटा ने PM मोदी सहित प्रमुख खातों के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाते हुए सरकार को आश्वस्त किया है। अब ऐसे VIP पदों की जांच और समीक्षा मेटा के सीनियर अधिकारी ही करेंगे। सामग्री विनियमन (कंटेंट रेगुलेशन) और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए मेटा की टीम इस सप्ताह सरकार से मुलाकात करेगी।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक व अपमानजनक पोस्ट अपलोड करने पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट हटाने का निर्देश देने के साथ-साथ कई न्यूज पोर्टल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को नोटिस जारी किए हैं।








