कोरबा@M4S:सिविल लाइन पुलिस ने सीएसईबी कालोनी से लकड़ी चोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पूर्व में चोरी की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें विवेचना उपरांत कुछ अन्य धाराएं जोड़ते हुए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वन विभाग द्वारा आरोपी को पेड़ कटाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसने पेड़ कटाई के बाद लकड़ी को डिपो के बजाय अभनपुर के एक आरामील भेज दिया था।

पेड़ कटाई के लिए कुदमुरा उत्पादन रेंजर विक्रांता सिंह कंवर को प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने एक अन्य अफसर से रायशुमारी के बाद सुनील गुप्ता को पेड़ कटाई की जिम्मेदारी सौंपी थी। डीएफओ प्रेमलता यादव ने सुनील गुप्ता से पूछताछ की तो लकड़ी को वाहन में लोडकर अभनपुर भेजे जाने की जानकारी निकलकर सामने आई। उनके निर्देश पर सिविल लाइन में सुनील गुप्ता के खिलाफ लकड़ी चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई। कालोनी से लकड़ी लोडिंग व परिवहन में प्रयुक्त हाइड्रा व मिनी ट्रक को जप्त किया गया।

इसके अलावा बालको रेंजर जयंत सरकार के नेतृत्व में एक टीम अभनपुर रवाना किया गया था। टीम अभनपुर स्थित हुकुमचंद स्थित आरामील से लकड़ी को जप्त कर ले आई। इसके साथ ही आरोपी को सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया गया। सिविल लाइन थाने में पूर्व से बीएनएस की धारा 303(2) दर्ज था, जिसमें विवेचना उपरांत दो अन्य धाराएं जोड़ते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
अधिकारियो के मिलीभगत की आशंका
सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इसके साथ ही कई तरह की चर्चा सरगर्म हो गई है। कहा जा रहा है कि इससे पहले भी सुनील गुप्ता के लकड़ी लोड वाहन पकड़े गए थे। एक बार पुलिस ने पकड़कर वन विभाग के हवाले किया था। बावजूद इसके वह बचते आ रहा था। यह विभाग से मिलीभगत के बिना संभव नही है। जिसकी जांच जरूरी है। इसके अलावा लोगां की निगाहें आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर भी टिकी हुई है।








