बिलासपुर-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथी का दहशत आधे घंटे तक NH 130 पर डाटा रहा हाथी, वाहनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

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कोरबा@M4S:कोरबा जिला के कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज के कोरबी सर्किल में पिछले एक सप्ताह से भटक रहा लोनर हाथी मंगलवार रात अचानक बिलासपुर-अंबिकापुर NH 130  पर चोटिया पहुंच गया। सड़क पर हाथी नजर आते ही वाहन चालकों ने गाड़ियां रोक दीं। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। ट्रक, बस और छोटे वाहन करीब आधे घंटे तक खड़े रहे। हाथी सड़क पर घूमता रहा और उसके जंगल की ओर लौटने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।  हाथी के हाईवे पर पहुंचने से सड़क पर बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहा। अचानक सामने हाथी आने से तेज रफ्तार वाहनों के चालकों के लिए स्थिति बेहद जोखिमभरी हो सकती थी। वहीं, हाथी के घबराकर वाहन या लोगों की ओर बढ़ने की स्थिति में जानमाल के नुकसान की आशंका भी बनी रही।

वन विभाग का अमला  मौके पर पहुंचा
वन विभाग का अमला सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा और सुरक्षित दूरी से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी।  करीब आधे घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद हाथी मुख्य मार्ग से हटकर जंगल की ओर चला गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी।  यह हाथी पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में लगातार जगह बदल रहा है। कभी दिन तो कभी रात यह जंगल से निकलकर सड़क और आबादी की ओर पहुंच रहा है। झुंड से अलग होने के बाद हाथी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा चुका है। ग्रामीण क्षेत्र में घरों को भी क्षति पहुंचाने की जानकारी है। अब मुख्य मार्ग पर उसकी बार-बार आमद से ग्रामीणों के साथ वाहन चालकों की चिंता भी बढ़ गई है।  वन विभाग हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। ड्रोन के साथ मैदानी अमले की मदद से उसकी लोकेशन पर निगरानी की जा रही है, ताकि उसे आबादी और मुख्य मार्ग से दूर रखा जा सके। विभाग ने लोगों से हाथी दिखाई देने पर उससे दूरी बनाए रखने और तत्काल सूचना देने कहा है।   कटघोरा वनमंडल में करीब 52 हाथी कटघोरा वनमंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 52 हाथी मौजूद हैं। इनमें झुंड के साथ रहने वाले हाथियों के अलावा कुछ लोनार भी हैं। वन विभाग इनकी गतिविधियों की निगरानी कर रहा है।

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