श्रीनगर(एजेंसी):कश्मीर की जन्नत कहे जाने वाले गुलमर्ग की खूबसूरती पर प्लास्टिक और गंदगी का ग्रहण लगता जा रहा है। लगातार बिगड़ते पर्यावरण को बचाने के लिए जम्मू-कश्मीर वन विभाग ने अब सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। गुलमर्ग-टंगमर्ग रोड पर जल्द ही एक एंटी-पॉलीथीन चेकपॉइंट स्थापित किया जाएगा, जहां हर आने-जाने वाले वाहन की चेकिंग होगी।
टंगमर्ग के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) फीरोज अहमद ने बताया कि इस चौकी का मकसद गुलमर्ग में पॉलीथीन और प्रतिबंधित प्लास्टिक के प्रवेश को पूरी तरह से रोकना है। उन्होंने बताया कि इन नाकों पर हम गाड़ियों की तलाशी लेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि पॉलीथीन गुलमर्ग में प्रवेश न करे। हम इसे रोकना चाहते हैं ताकि प्रकृति की रक्षा हो सके।
विभाग ने खुलासा किया है कि गुलमर्ग के कई होटलों और निजी आवासों का हर तरह का गंदा पानी सीधे जंगल की जमीन में छोड़ा जा रहा है। यह पानी देवदार के पेड़ों की जड़ों को कमजोर कर रहा है, जिससे वे धीरे-धीरे सड़ रहे हैं।
यह चिंता इसलिए भी बड़ी है क्योंकि गुलमर्ग का पूरा इकोसिस्टम बेहद नाजुक है और बढ़ती पर्यटक गतिविधियों के कारण उस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
म्युनिसिपल कमेटी की भूमिका पर भी उठे सवाल
डीएफओ फीरोज अहमद ने बताया कि विभाग सिर्फ नाकों तक ही सीमित नहीं रहेगा। टंगमर्ग से गुलमर्ग तक के पूरे रास्ते में, खासकर उन जगहों पर जहां पर्यटक आराम करने या पिकनिक के लिए रुकते हैं, इस साल पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए जाएंगे। उन्होंने पर्यटकों से भी अपील की है कि लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। जंगल क्षेत्र में कचरा फेंकना गलत है।
विभाग ने इस पूरे मामले में स्थानीय म्युनिसिपल कमेटी की भूमिका को भी अहम बताया है। डीएफओ ने कहा कि कमेटी को सख्ती से यह देखना चाहिए कि होटलों से निकलने वाला कचरा कहां जा रहा है।
उन्हें अपने कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी होटल संचालक तय प्रोटोकॉल का पालन करें। विभाग ने यह भी माना कि गुलमर्ग में अभी तक कोई समर्पित कचरा डंपिंग साइट नहीं है, जो एक बड़ी चुनौती है।
फिलहाल जंगल में फेंके गए कचरे को वन विभाग के कर्मचारी खुद इकट्ठा कर कुंजर स्थित डंपिंग साइट तक पहुंचाते हैं। वन विभाग की यह नई पहल साफ संकेत है कि अगर अब भी कचरा और प्लास्टिक पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में हम गुलमर्ग की वह खूबसूरती खो देंगे, जिसे देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।





















































