कैलिफोर्निया में मिला दुनिया का सबसे संक्रामक वायरस, सिर्फ रैशेज या फ्लू समझने की भूल पड़ सकती है भारी

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नई दिल्ली(एजेंसी):कैलिफोर्निया में रूटीन जांच के दौरान सीवेज में खसरे यानी मीजल्स के वायरस पाए गए हैं। यह दुनिया के सबसे संक्रामक वायरस में से एक है, जिसके कारण स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में काफी तेजी के फैलती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

खसरे के सबसे कॉमन लक्षणों में शरीर पर लाल रैशेज होना शामिल है, लेकिन यह बीमारी इससे कहीं ज्यादा खतरनाक है। आइए जानें मीजल्स के लक्षण कैसे होते हैं, यह कैसे फैलता है और बचाव के लिए क्या कर सकते हैं।

क्या होता है मीजल्स? 

यह मीजल वायरस के कारण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जिसके कारण फ्लू जैसे लक्षण सामने आते हैं और पूरे शरीर पर लाल रैशेज हो जाते हैं। कई लोग इसे मामूली रैश समझने की गलती कर बैठते हैं, लेकिन लापरवाही के कारण यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

इसके कारण निमोनिया और दिमाग में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं और दूसरे इन्फेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए समय पर खसरे की पहचान करना जरूरी है।

इन लक्षणों को पहचानना है जरूरी

मीजल्स के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, आंखे लाल होना, शरीर पर चकत्ते और नाक बहना शामिल हैं। इसके अलावा, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, मुंद में सफेद सेंटर वाले लाल धब्बे, गले में खराश और पेट से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।

कैसे फैलती है यह बीमारी?

 खसरा हवा से फैलने वाली बीमारी है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस लेता है, खांसता है, छींकता है या बात करता है, तो उसके अंदर के वायरस हवा में फैल जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के कमरे से चले जाने के दो घंटे बाद तक ये वायरस हवा में मौजूद रह सकते हैं और आसपास की सतह पर भी गिर सकते हैं।

इसलिए खसरा के मरीज के आसपास रहने से, खाना-पानी शेयर करने से या शरीरिक संपर्क में आने से मीजल्स फैल सकता है। इसके अलावा, दूषित सतह छूने के बाद, बिना हाथ धोए मुंह, नाक या आंख छूने से भी मीजल्स फैल सकता है। यह वायरस प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान मां से बच्चे में भी फैल सकता है।

बचाव का तरीका क्या है?

इस खतरनाक बीमारी से बचने का सबसे असरदार तरीका वैक्सीन ही है। MMR वैक्सीन खसरे के खिलाफ लंबे समय तक बनी रहने वाली इम्युनिटी देती है। इस वैक्सीन की दो खुराकें व्यक्ति को खसरे से पूरी तरह सुरक्षित रख सकती है।

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