नई दिल्ली(एजेंसी):मालदीव के वावू एटोल में समुद्र के नीचे मौजूद गुफाओं की खोज के दौरान इटली के पांच गोताखोरों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसे मालदीव के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है। सभी गोताखोर करीब 50 मीटर गहराई में मौजूद अंडरवॉटर गुफाओं की जांच के लिए गए थे, लेकिन वापस नहीं लौट सके।
अब तक केवल एक शव बरामद किया गया है। खराब मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान में परेशानी आ रही है। अधिकारियों का मानना है कि बाकी चार गोताखोरों के शव अब भी गुफा के अंदर हो सकते हैं। सर्च ऑपरेशन शनिवार को फिर शुरू किया जाएगा।
मालदीव सरकार ने मृतकों की पहचान मोनिका मोंटेफाल्कोने, जॉर्जिया सोमाकाल, फेडेरिको गुआल्तिएरी, म्यूरियल ओडेनिनो और जियानलुका बेनेडेट्टी के रूप में की है। यह टीम ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नाम की बोट से समुद्र में गई थी।
यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे गोताखोर
रिपोर्ट्स के मुताबिक पांच में से कम से कम चार गोताखोर इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे। जियानलुका बेनेडेट्टी बोट ऑपरेशंस मैनेजर थे और उनका शव ही अब तक बरामद हो पाया है। मोनिका मोंटेफाल्कोने मरीन बायोलॉजिस्ट थीं और यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा में ट्रॉपिकल मरीन इकोलॉजी और अंडरवॉटर साइंस की प्रोफेसर थीं। वह मालदीव में चल रहे एक आइलैंड मॉनिटरिंग अभियान की वैज्ञानिक निदेशक भी थीं।
उनकी बेटी जॉर्जिया सोमाकाल को भी समुद्र और डाइविंग में रुचि थी। उन्होंने बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वहीं 31 वर्षीय म्यूरियल ओडेनिनो मरीन बायोलॉजिस्ट और इकोलॉजिस्ट थीं। फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी में डिग्री पूरी की थी और वह प्रमाणित स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे।
खराब मौसम से प्रभावित हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव अधिकारियों के अनुसार, बेनेडेट्टी का शव अंडरवॉटर गुफा के प्रवेश द्वार के पास मिला। बाकी गोताखोरों के अंदर फंसे होने की आशंका है। जिस गुफा में टीम गई थी, उसमें तीन बड़े चैम्बर्स हैं, जो पतले रास्तों से जुड़े हुए हैं।
रेस्क्यू टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है। हालांकि, डाइविंग की सुरक्षित समय सीमा और खराब मौसम के कारण अभियान सीमित रखना पड़ा। शुक्रवार को आठ गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया, लेकिन मौसम बिगड़ने के बाद मिशन रोकना पड़ा। इसी बीच इटली सरकार ने कहा है कि वह ‘डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क’ नाम की विशेषज्ञ संस्था के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
मौत की वजह की जांच जारी
गोताखोरों की मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। जांच एजेंसियां कई संभावनाओं पर काम कर रही हैं। मालदीव पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या खराब मौसम के कारण पानी के अंदर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई थी। हादसे के समय 25 से 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।
इटली की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम विजिबिलिटी की वजह से गोताखोर गुफा के अंदर रास्ता भटक गए होंगे। मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोमाकाल ने कहा कि डाइविंग के दौरान कोई अप्रत्याशित घटना हुई होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी बेहद अनुभवी गोताखोर थीं और वह कभी अपनी बेटी या टीम को खतरे में नहीं डालतीं।
जांचकर्ता इस संभावना पर भी काम कर रहे हैं कि कोई गोताखोर गुफा में फंस गया हो और बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में ऑक्सीजन खत्म होने या घबराहट का शिकार हो गए हों। कुछ विशेषज्ञ ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी की आशंका भी जता रहे हैं, जिसमें ज्यादा दबाव के कारण ऑक्सीजन जहरीली साबित हो सकती है।






