नई दिल्ली(एजेंसी):राजस्थान के बालोतरा के पचपदरा में स्थित भारत की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई है। ये रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक साझा प्रोजेक्ट है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 21 अप्रैल को इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। इससे ठीक एक दिन पहले यहां आग लग गई है।
2013 में रखी गई थी प्रोजेक्ट की नींव
इस रिफाइनरी की नींव सबसे पहले 22 सितंबर, 2013 को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान रखी थी, जिसकी शुरुआती अनुमानित लागत 37,230 करोड़ रुपये थी।
सरकार बदलने के बाद, पीएम मोदी ने 16 जनवरी, 2018 को इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया और इसकी लागत को संशोधित करके 43,129 करोड़ रुपये कर दिया गया।
ईंधन उत्पादन के अलावा, इस रिफाइनरी से बड़ी मात्रा में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन की भी उम्मीद है। ये उत्पाद इस क्षेत्र में आने वाली नए औद्योगिक मिशनों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल का काम करेंगे।
रिफाइनरी से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
यहां पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथाइलीन (HDPE/LLDPE), बेंजीन, टोल्यूनि और ब्यूटाडाइन जैसे उत्पादों पर आधारित उद्योगों के स्थापित होने की संभावना है, जिससे एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम का मार्ग खुलेगा।
इन उत्पादों से प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग फिल्म, ऑटोमोबाइल पुर्जे, सिंथेटिक फाइबर, चिकित्सा उपकरण और पेंट व डिटर्जेंट जैसे रसायनों सहित कई प्रकार के सामानों का निर्माण किया जा सकेगा।





































