सब्जी व्यापारियों ने  खोला मोर्चा:नगर पालिका परिषद का किया घेराव

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कोरबा@M4S: स्थानीय सब्जी व्यापारियों की समस्याओं और मार्केट के जीर्णोद्धार को लेकर उपजा विवाद अब गहराता जा रहा है। भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा के नेतृत्व में सब्जी व्यापारी बांकीमोंगरा नगर पालिका कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर पालिका परिसर के बाहर लगभग 2 घंटे तक धरना दिया।

व्यापारियों में आक्रोश
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) ने कुछ व्यापारियों और भाजपा नेता के साथ एक बैठक बुलाई। बंद कमरे में हुई इस चर्चा में व्यापारियों ने अपनी चिंताओं को सामने रखा, लेकिन घंटों चली बातचीत के बाद भी किसी ठोस निर्णय पर सहमति नहीं बन पाई। वही पालिका अधिकारी ने सब्जी व्यापारियों को कहां कि बेवजह का अफवाह में ना रहे, और ना ही पालिका प्रशासन पर बेवजह का आरोप ना लगाये।

हालांकि कथित भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा के समर्थन में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी नजर नहीं आये।

सहमति न बनने के कारण व्यापारी और आंदोलनकारी बैरंग वापस लौट गए। भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा ने आगे कहा कि व्यापारियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल सहमति नहीं बनी है, लेकिन यह तो बस शुरुआत है। हम अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं और जल्द ही एक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

विकास के लिए जीर्णोद्धार जरूरी। दूसरी ओर, नगर पालिका के CMO ने मीडिया से चर्चा करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट रखा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शहर का विकास और व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
CMO ने कहा सब्जी मार्केट अपने वर्तमान स्थान पर ही रहेगा, उसे कहीं और स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। मार्केट की स्थिति सुधारने के लिए जीर्णोद्धार कार्य हर हाल में किया जाएगा , यह विकास कार्य व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने और आम जनता की सहूलियत के लिए ही किया जा रहा है।

नगरवासियों ने भी जताई विकास की अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि डेली सब्जी मार्केट का व्यवस्थित विकास समय की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि यदि बाजार आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनेगा तो व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता को भी बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

प्रशासन जहां विकास की दुहाई देते हुए कार्य शुरू करने पर अड़ा है, वहीं व्यापारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में व्यापारियों की ‘नई रणनीति’ बांकीमोंगरा की राजनीति और स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

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