कोरबा@M4S:कोयला कर्मचारियों के बोनस पर कोलकाता हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जिससे एसईसीएल के 32 हजार सहित कोल इंडिया के कुल 2 लाख 20 हजार श्रमिकों के बोनस पर अनिश्चितता छा गई है। दिल्ली में मानकीकरण समिति की बैठक बुलाई गई थी जिसमें विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होने वाले थे। इस फैसले से श्रमिकों को लाभ मिलने की संभावना पर असर पड़ेगा।
कोयला कर्मचारियों के बोनस को लेकर सोमवार को होने वाली मानकीकरण समिति की बैठक को कोलकाता उच्च न्यायालय के डबल बैंच ने अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। कोलकाता हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के मानकीकरण समिति की बैठने में (इंटक) राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के आदेश को डबल बेंच ने बरकरार रखा है। साथ ही बोनस को लेकर होने वाली बैठक अगले अंतिम आदेश तक स्थगित कर रहेगी। वैसे कोल इंडिया उच्च प्रबंधन इस पर कोलकाता मुख्यालय में बैठक कर निर्णय लेगी। साथ ही आगे की रणनीति पर विचार विमर्श करेगी। न्यायालय आदेश के बाद कोल इंडिया इस प्रयास में थी कि न्यायालय से राहत मिलेगी। अधिवक्ता से लगातार संपर्क में थी, लेकिन अंतिम में बैठक नहीं हुई। वहीं कुछ यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन से कहा है कि कोयला कर्मियों के खाते में एक लाख की राशि भेज दें। गत वर्ष 93750 रुपया मिला था। कोल इंडिया में करीब 2.20 लाख कोयला मजदूरों को बोनस का इंतजार है। दुर्गा पूजा के समय है। वहीं विपक्षी यूनियन ने कहा कि कोल इंडिया पूरी तरह से केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। जिसके कारण यह नौबत आई। इस मामले में राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन को सिंगल बेंच की ओर से पहले ही बैठने का आदेश दिया गया था। सिंगल बेंच के आदेश के विरोध कोल इंडिया डबल बेंच में याचिका दायर की थी। डबल बेंच ने इस आदेश को बरकरार रखते हुए कोयला कर्मियों के बोनस मुद्दे को लेकर होने वाली सोमवार को दिल्ली की बैठक को स्थगित करने का आदेश दिया है। अब कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया का रुख देखने होगा कि वह बोनस के मुद्दे को लेकर अब क्या निर्णय लेती है? क्या कोल इंडिया अंतरिम भुगतान कर मजदूरों को पूजा में राहत देने का कोशिश करती है या फिर न्यायालय के आदेश तक चुप बैठती है।बता दें कि कोल इंडिया में काम करने वाले 2 लाख 20 हजार कोयला श्रमिकों का बोनस को लेकर सोमवार को दिल्ली में मानकीकरण समिति की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें एचएमएस, बीएमएस, एटक, सीटू के प्रतिनिधि को बुलाया गया। बैठक में इंटर का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
एक- एक लाख रुपए अग्रिम बोनस भुगतान की मांग
एक- एक लाख रुपए अग्रिम बोनस भुगतान की मांग को लेकर सीटू और एटक ने आंदोलन छेड़ दिया है। विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। एसईसीएल सहित अन्य परियोजनाओं में सीटू और एटक के लोग कामगारों के बीच पहुंच कर उन्हें सीआईएल प्रंबधन की विफलता की जानकारी दे रहे हैं।एटक के नेता रमेन्द्र कुमार तथा सीटू नेता डीडी रामनंदन ने सोमवार रात को आंदोलन पर जाने का ऐलान किया था। इसके बाद मंगलवार सुबह से प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। दोनों नेताओं का कहना था कि केन्द्र सरकार के दबाव में आकर सीआईएल प्रबंधन ने अपील दायर की। यह दबाव इंटक को मानकीकरण समिति की बैठक में आने से रोकने के लिए बनाया गया। यूनियन को लेकर सीआईएल को पार्टी नहीं बनना था। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए इंटक को बैठक मेंं सम्मिलित किया जाना चाहिए था। दोनों नेताओं ने कहा जो स्थिति निर्मित हुई इससे फिलहाल बैठक पर विराम लगते दिख रहा है। ऐसी स्थिति में सीटू और एटक सीआईएल प्रबंधन से मांग की है कि वह कामगारों को दुर्गा पूजा से पूर्व एक- एक लाख रुपए का अग्रिम भुगतान करे।





































