कोरबा@M4S:कैचमेंट एरिया में हो रही अच्छी बारिश से बांगो बांध का जलस्तर बढ़ गया है। खतरे के निशान तक वाटर लेवल पहुंचते ही फिर बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं। जिससे डुबान और निचली बस्तियों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
पानी की अत्यधिक प्रवाह को दृष्टिगत रखते हुए मंगलवार की सुबह 9:10 बजे गेट संख्या 4 को 0.25 मीटर, गेट संख्या 6 को 0.50 मीटर, गेट संख्या 8 को 0.25 मीटर खोला गया। किन्तु इसके बाद भी बांध का जलस्तर 358.29 मीटर पर स्थिर है। जलस्तर को नियंत्रण कर कम करने सुबह 9:40 बजे गेट संख्या 4 को 0.50 मीटर, गेट संख्या 6 को 1 मीटर एवं गेट संख्या 8 को 0.50 मीटर आवश्यकतानुसार ओपन किया गया है। अभी गेट संख्या 4 को 0.50 मीटर, गेट संख्या 6 को 1 मीटर एवं गेट संख्या 8 को 0.50 मीटर खोला गया है। सभी गेटों से कुल 11837 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और पॉवर प्लांट हाइड्रेल के द्वारा 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस प्रकार बांध से कुल 20837 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे हसदेव नदी उफान पर आ गई है। कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में हो रही बारिश को ध्यान में रखते हुए बाढ़ की स्थिति के नियंत्रण के लिए सभी एसडीएम को सतर्क रहने के निर्देश दिए है। साथ ही स्वास्थ्य, विद्युत एवं अन्य लाइन डिपार्टमेंटल अधिकारी कर्मचारियों को सक्रियता से कार्य करने निर्देशित किया है। उन्होंने बांध एवं नदी के समीपस्थ इलाकों से चल अचल परिसम्पत्तियों को हटाने ग्रामीण क्षेत्रो में मुनादी कराने के भी निर्देश दिए हैं। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध संभाग क्र. 3 माचाडोली ने सर्व साधारण एवं कार्य संबंधितों से बांध से नीचे एवं हसदेव नदी के किनारे, बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल सम्पत्ति सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का आग्रह किया है। साथ ही बाढ़ क्षेत्र में स्थापित खनिज खदान ठेकेदार, औद्योगिक इकाईयां, संस्थानों आदि को भी सूचित किया गया है कि वे अपनी परिसम्पत्तियों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर निकालना सुनिश्चित कर लें। अकस्मात बाढ़ से होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। कार्यपालन अभियंता मिनीमाता बांगो बांध एवं हसदेव बराज जल प्रबंध संभाग को बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी करवाने की अपील की गई है।
इन गांवों में बाढ़ का खतरा
बाढ़ क्षेत्र में आने वाले संभावित गावों में बांगो, चर्रा, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कल्मीपारा, सिलयारीपारा, जुनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमाड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेल गांव, झाबू, नवांगांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा, सिरकीकला आदि शामिल हैं।





































