नई दिल्ली(एजेंसी):अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता, कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के इंडिया गेट पर रात भर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
हिरासत में लिए जाने से पहले अंकिता की मां ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की जाती, वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें सार्वजनिक स्थान पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर में ही भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगी।
सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
वहीं, अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को सीधा 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सिक्किम के गवर्नर के तौर पर दुष्यंत कुमार की नियुक्ति को तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि नियुक्ति वापस नहीं ली गई तो पूरे देश के लोग सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
#WATCH | Ankita Bhandari murder case | Delhi | Ankita Bhandari's mother says, "We want to state that we will remain steadfast until his (Dushyant Gautam) appointment is revoked… If we are not permitted to sit here, we will sit on a hunger strike in our own homes…"
Her father… pic.twitter.com/FVBTtU0Uje
— ANI (@ANI) October 15, 2026
इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों ने भी सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चार सालों से न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता पर पुलिस द्वारा बेरहमी से एक्शन लिया जा रहा है, और उन्हें इंसाफ दिलाने के बजाय आरोपी पक्ष को राज्यपाल पद से नवाजा जा रहा है।





















































