नई दिल्ली(एजेंसी):आमतौर पर माना जाता है कि मेनोपॉज एक बहुत ही धीमी प्रक्रिया है, जिसमें महिलाओं के शरीर को पूरी तरह बदलने में कई साल लग जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक बड़े शोध ने इस पुरानी धारणा को गलत साबित कर दिया है। नई जानकारी के मुताबिक, मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में धीरे-धीरे नहीं, बल्कि अचानक और बहुत बड़े स्तर पर बदलाव आते हैं।
एक अचानक आने वाला शारीरिक मोड़
10 लाख महिलाओं के डेटा पर हुई बड़ी रिसर्च
यह खुलासा एक बेहद विस्तृत अध्ययन के बाद हुआ है। वाइजमैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के शोधकर्ताओं ने अमेरिका और इजरायल की 10 लाख से ज्यादा महिलाओं के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने इन महिलाओं के 30 करोड़ से अधिक लैबोरेटरी टेस्ट के नतीजों का विश्लेषण किया। ‘नेचर मेडिसिन’ जर्नल में प्रकाशित इस शोध के नतीजों में सेहत और शरीर के कामकाज से जुड़े दर्जनों पैमानों में बड़े और अचानक बदलाव देखे गए।
शरीर के लगभग हर सिस्टम पर असर
हार्मोन थेरेपी से दिखा कम बदलाव
इस शोध में एक और अहम बात सामने आई है। डेटा के मुताबिक, जिन महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान हार्मोन थेरेपी दी जा रही थी, उनके शरीर में ये अचानक होने वाले बदलाव काफी कम देखे गए।




