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कोरबा@M4S: तात्कालीन भाजपा शासन काल में नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्र. 14 पम्प हाउस में बाल्मिकी अम्बेडकर आवास योजना 2007 में अटल आवास का निर्माण कराया गया था जो अब पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिसकी मरम्मत अपरिहार्य हो गया है।
महापौर राजकिशोर प्रसाद ने अटल आवास निवासियों के आग्रह पर निरीक्षण किया और हालत देखकर वें दंग रह गये और यहां के रहवासियों पर मंडरा रहे खतरे को भांपते हुए उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखा और आग्रह किया है कि उक्त मकानों को डीएमएफ से मरम्मत करायें ताकि यहां रह रहे गरीब परिवारों के जीवन में किसी तरह की अनहोनी न हो।
महापौर ने बताया कि उक्त आवासों का निर्माण 15 वर्ष पूर्व 2007 में कराया गया था जो काफी जर्जर हो चुका है। चूंकि अटल आवासों में गरीब परिवार निवास करते है और उनकी क्षमता अपने घरों को मरम्मत कराने की नहीं है। यहां के रहवासी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण पोषण करते है और यदि प्रशासन डीएमएफ से इन आवासों की मरम्मत कराता है तो यहां रह रहे 200 परिवार का जीवन खुशहाल बन सकेंगा। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह करते हुए 200 गरीब परिवारों की खुशहाली के लिए गंभीरता से मामले को संज्ञान में लेंने और इन्हें राहत प्रदान करने आग्रह किया है।
श्री प्रसाद ने कहा कि भाजपा शासन काल में हुए इन आवास गृहों के घटिया निर्माण का खामियाजा उसमें रहने वाले गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। 89,84,062 रूपये की लागत से 200 यूनिट आवास गृह नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा 2007 में निर्मित किए गये थे लेकिन घटिया निर्माण के कारण समय से पहले ही जर्जर हो गये। यहां रहने वाले लोगों की जान सांसत में बनी रहती है कि कभी कोई दुर्घटना न घट जायें।
महापौर ने बताया कि निगम द्वारा उक्त जर्जर आवासों की समस्या समाधान करने में तकनीकी अड़चन आ रही है, जिससे उक्त आवासों की मरम्मत डीएमएफ से कराने कलेक्टर को पत्र लिखा है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन काल मे ंगरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने इंदिरा आवास योजना, वहीं भाजपा शासन काल में अटल आवास योजना के तहत और अब प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गरीब परिवारों को रहने के लिए पक्का आवास बनाकर उन्हे दिया जा रहा है। हमारी सरकार की मंशा है कि शहर झोपड़ पट्टी मुक्त हो और गरीब परिवारो को भी पक्के मकान मिले और उनका जीवन भी खुशहाल बने। इन गरीब परिवारों के आवास जब जर्जर हो जाते है तो शासन-प्रशासन ध्यान नही देता और गरीब परिवारों की मुसिबत फिर बढ़ जाती है। उन्होंने कलेक्टर को लिखें पत्र में उम्मीद जतायी है कि गरीब परिवारों को अवश्य राहत मिलेंगी।
महापौर राजकिशोर प्रसाद ने अटल आवास निवासियों के आग्रह पर निरीक्षण किया और हालत देखकर वें दंग रह गये और यहां के रहवासियों पर मंडरा रहे खतरे को भांपते हुए उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखा और आग्रह किया है कि उक्त मकानों को डीएमएफ से मरम्मत करायें ताकि यहां रह रहे गरीब परिवारों के जीवन में किसी तरह की अनहोनी न हो।
महापौर ने बताया कि उक्त आवासों का निर्माण 15 वर्ष पूर्व 2007 में कराया गया था जो काफी जर्जर हो चुका है। चूंकि अटल आवासों में गरीब परिवार निवास करते है और उनकी क्षमता अपने घरों को मरम्मत कराने की नहीं है। यहां के रहवासी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण पोषण करते है और यदि प्रशासन डीएमएफ से इन आवासों की मरम्मत कराता है तो यहां रह रहे 200 परिवार का जीवन खुशहाल बन सकेंगा। उन्होंने कलेक्टर से आग्रह करते हुए 200 गरीब परिवारों की खुशहाली के लिए गंभीरता से मामले को संज्ञान में लेंने और इन्हें राहत प्रदान करने आग्रह किया है।
श्री प्रसाद ने कहा कि भाजपा शासन काल में हुए इन आवास गृहों के घटिया निर्माण का खामियाजा उसमें रहने वाले गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। 89,84,062 रूपये की लागत से 200 यूनिट आवास गृह नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा 2007 में निर्मित किए गये थे लेकिन घटिया निर्माण के कारण समय से पहले ही जर्जर हो गये। यहां रहने वाले लोगों की जान सांसत में बनी रहती है कि कभी कोई दुर्घटना न घट जायें।
महापौर ने बताया कि निगम द्वारा उक्त जर्जर आवासों की समस्या समाधान करने में तकनीकी अड़चन आ रही है, जिससे उक्त आवासों की मरम्मत डीएमएफ से कराने कलेक्टर को पत्र लिखा है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन काल मे ंगरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने इंदिरा आवास योजना, वहीं भाजपा शासन काल में अटल आवास योजना के तहत और अब प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गरीब परिवारों को रहने के लिए पक्का आवास बनाकर उन्हे दिया जा रहा है। हमारी सरकार की मंशा है कि शहर झोपड़ पट्टी मुक्त हो और गरीब परिवारो को भी पक्के मकान मिले और उनका जीवन भी खुशहाल बने। इन गरीब परिवारों के आवास जब जर्जर हो जाते है तो शासन-प्रशासन ध्यान नही देता और गरीब परिवारों की मुसिबत फिर बढ़ जाती है। उन्होंने कलेक्टर को लिखें पत्र में उम्मीद जतायी है कि गरीब परिवारों को अवश्य राहत मिलेंगी।





































