नई दिल्ली(एजेंसी):सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के एक निवासी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और उनकी पत्नी गौरी खान के बांद्रा स्थित समुद्र किनारे बने बंगले ‘मन्नत’ (Mannat) के रेनोवेशन (नवीनीकरण) के लिए दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोग कानून के मुताबिक अपने घरों का रेनोवेशन कर सकते हैं।
याचिकाकर्ता ने लगाया था ये आरोप
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर वकील शोएब आलम ने तर्क दिया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF) से मंजूरी जरूरी थी और कथित उल्लंघन अभी भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसी मंजूरी एक जरूरी शर्त है।

सुप्रीम कोर्ट ने उठाए ये सवाल
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बंगला एक निजी घर है और अगर उसमें रहने वाले लोग बदलाव या रेनोवेशन करना चाहते हैं, तो वे कानून का पालन करते हुए ऐसा कर सकते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को भेजने का अनुरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार नहीं किया।

NGT ने खारिज की थी चुनौती
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में वह किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या सेलिब्रिटी स्टेटस से प्रभावित नहीं है। इससे पहले, NGT ने शाहरुख खान और गौरी खान के मुंबई में समुद्र किनारे स्थित मशहूर बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन और विस्तार के लिए दी गई पर्यावरण और तटीय मंजूरी को चुनौती देने वाली अपील खारिज कर दी थी।
क्यों हुआ विवाद?
गौरी खान ने ‘मन्नत’ में छह मंजिला एनेक्स बिल्डिंग में दो और मंजिलें जोड़ने का प्रस्ताव रखा था, और इस प्रस्ताव को लेकर कोस्टल और पर्यावरण मंजूरी पर विवाद खड़ा हो गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस चुनौती पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है और याचिका को खारिज कर दिया है।







