नई दिल्ली(एजेंसी):जिम्बाब्वे में मौजूद ईरान के दूतावास ने X पर पोस्ट करते हुए अमेरिका की चुटकी ली है। यह टिप्पणी, भले ही मजाकिया थी, लेकिन इसका निशाना रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में बनी तनाव पूर्ण स्थिति थी। यह जलडमरूमध्य अभी भी ज्यादातर बंद है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे फिर से चालू करने का वादा किया है।
ईरान ने लिखा विनम्र रहें और आगे बढ़ें
पोस्ट में ईरान ने लिखा कि “विनम्र रहें और आगे बढ़ें।” इससे यह संकेत मिलता है कि जो देश सुरक्षित मार्ग के लिए शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत कर रहे थे। उन्हें अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा प्रिटोरिया में ईरानी दूतावास की ऐसी ही एक पोस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों से भरा हुआ दिखाया गया। जिसके साथ यह कैप्शन था, “एकमात्र अमेरिकी चीज जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकती है।”
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई
मालूम हो कि युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। अब वहां से बहुत कम जहाज ही गुजर पा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर जहाज उन देशों से जुड़े हैं, जिनके तेहरान के साथ दोस्ताना संबंध हैं।
इन बातों की पुष्टि हाल ही में हुई एक घटनाक्रम से होती है। दरअसल, फ्रांसीसी लॉजिस्टिक्स की बड़ी कंपनी सीएमए सीजीएम द्वारा संचालित एक जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाला पहला पश्चिमी यूरोपीय जहाज बन गया।
भारत और फ्रांस ने होर्मुज से पार कराया जहाज
यह घटनाक्रम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से युद्ध विराम का आह्वान किए जाने और इस बात पर जोर दिए जाने के बाद हुआ है। भारत ने भी तेहरान के साथ अपने दोस्ताना संबंध को बनाते हुए इस मार्ग से जहाजों को पार कराया है। जानकारी के अनुसार 28 फरवरी के बाद से, कम से कम आठ भारतीय-संबंधित जहाजों ने इस जलडमरूमध्य को पार किया है।
इसके अलावा, ईरान मौजूदा संघर्ष से आगे की सोच रहा है। तेहरान इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने वाले जहाजों के लिए टोल व्यवस्था शुरू करने की योजनाओं पर विचार कर रहा है। यह एक ऐसा कदम है जो दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा गलियारों में से एक पर उसके लंबे समय तक चलने वाले नियंत्रण को मजबूत कर सकता है।





































