सोलापुर(एजेंसी):महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तुलशी गांव में एक पोस्टर लगा है जिस पर लिखा है, “गांव बिकाऊ है”। ये शब्द उन निवासियों के गुस्से, तंज और गहरी बेचैनी को जाहिर करते हैं जो दशकों से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे हैं।
सिंचाई योजना का इस गांव को नहीं मिला लाभ
तुलशी गांव सीना-माढ़ा लिफ्ट सिंचाई योजना से सिर्फ 9 किलोमीटर दूर है। यह योजना साल 2000 में शुरू हुई थी लेकिन तुलशी को इसका कोई फायदा नहीं मिला। आस-पास के दूसरे गांव ज्यादा पानी वाली नकदी फसलें उगाते हैं, जबकि तुलशी गांव अनिश्चित बारिश का इंतजार करता रहता है।
गणेश चतुर्थी के दिन शुरू किया अनिश्चितकालीन उपवास
हालात इतने खराब हो गए कि ग्रामीणों ने गणेश चतुर्थी के दिन अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया। उन्होंने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आत्मदाह की चेतावनी दी गई और चुनाव का बहिष्कार करने की धमकी भी दी गई। शुक्रवार को राज्य के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के उनसे बातचीत करने के बाद यह विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।
सोलापुर जिले के कलेक्टर एस. कार्तिकेयन ने बताया कि सिंचाई विभाग ने तुलशी का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे किया है। उन्होंने कहा, “इसके नतीजों के आधार पर हम राज्य सरकार को नहर नेटवर्क के लिए एक प्रस्ताव भेजेंगे।”





















































