ऑनलाइन अटेंडेंस ने बढ़ाई सरकारी कर्मचारियों की परेशानी, मोबाइल लेकर इधर-उधर भटकते रहे कर्मचारी

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कोरबा@M4S: सरकारी कार्यालयों में मंगलवार की सुबह कामकाज शुरू होने से पहले ही कई अधिकारी-कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई। रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे कार्यालय पहुंचते ही कर्मचारियों ने मोबाइल का इंटरनेट और लोकेशन चालू कर ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने के लिए ऐप खोला, लेकिन स्क्रीन पर एरर देखकर वे हैरान रह गए।
किसी कर्मचारी को ऐप अपडेट करने का निर्देश मिला तो किसी के मोबाइल पर अटेंडेंस की प्रक्रिया ही आगे नहीं बढ़ी। समस्या का समाधान निकालने के लिए कर्मचारियों ने ऐप को अनइंस्टॉल कर दोबारा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया। इसके बाद भी स्थिति जस की तस रही।
देखते ही देखते कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच एक ही सवाल चर्चा का विषय बन गया—“तुम्हारा अटेंडेंस लगा क्या?” कोई मोबाइल लेकर नेटवर्क तलाशता नजर आया तो कोई अपने सहकर्मी से ऐप की स्थिति पूछता रहा। कई कर्मचारी बार-बार लॉगिन और अटेंडेंस दर्ज करने का प्रयास करते रहे।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू है। कर्मचारियों को सुबह कार्यालय परिसर में पहुंचने के बाद निर्धारित समय पर मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इसी तरह कार्यालय से रवाना होने से पहले भी ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने की व्यवस्था है। सरकार की ओर से इस व्यवस्था के पालन को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में मंगलवार सुबह अचानक ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं होने से कर्मचारियों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई। कर्मचारियों को यह चिंता भी सताती रही कि तकनीकी समस्या के कारण उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हुई तो इसका असर कहीं उनकी उपस्थिति पर न पड़े।
फिलहाल कर्मचारियों के बीच सुबह का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन अटेंडेंस की समस्या का समाधान तलाशने में ही गुजरता नजर आया। काम शुरू होने से पहले जहां कर्मचारी अपने-अपने मोबाइल में ऐप खोलकर उपस्थिति दर्ज करने में जुटे थे, वहीं तकनीकी गड़बड़ी ने कार्यालयों में “अटेंडेंस लगी या नहीं?” की चर्चा जरूर छेड़ दी।

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