कोरबा@M4S:प्रदेश सहित कोरबा जिला में अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले तानसेन चौक पर आंदोलन किया जा रहा है। जिसका जिले में व्यापक असर देखने को मिला। अधिकांश शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा।आंदोलन कर रहे फेडरेशन के सदस्यों ने कहा कि मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) दिया जाए। वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए। प्रदेश के लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए। प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए। सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए। प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए। मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए। एल बी संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाए। प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए। प्रदेश में कार्यरत पंचायत सचिवों, कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाए।





































