आश्वासन के बाद लौटे ननकीराम कंवर

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रायपुर@M4S:भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर कलेक्टर अजीत वंसत को हटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। 4 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सीएम निवास के सामने धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी। शनिवार की सुबह वे धरने पर बैठने वाले थे। इसके पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रायपुर के गोहोई भवन में उन्हें रोकते हुए हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने भवन के गेट पर ताला जड़ दिया।
रायपुर प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर को धरना प्रदर्शन नहीं करने दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया। मुलाकात के बाद श्री कंवर ने कहा कि कोरबा कलेक्टर को हटाए जाने का आश्वासन मिला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से मुलाकात के बाद पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर संतुष्ट नजर आए। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। मुख्यमंत्री को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बात माननी पड़ेगी। पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। ननकीराम कंवर ने कहा कि उनका एक ही मकसद है कोरबा कलेक्टर को हटाना। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो अगला कदम उठाया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री श्री कंवर ने विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में डा. रमन सिंह ने उन्हें हराने का काम किया। ऐसे व्यक्ति को भाजपा से निकाल देना चाहिए। ननकीराम कंवर ने मध्यप्रदेश में कृषि मंत्री रहते अपनी उपलब्धियां भी गिनाई और कहा कि उनके समय सकल घरेलू उत्पाद 27 प्रतिशत था। छत्तीसगढ़ में पांच साल तक गृह मंत्री रहने के दौरान अपराध में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री प्रदेश अध्यक्ष की बात नहीं मानेंगे तो किसकी मानेंगे, मुझे धरना देने से पहले कमरे में बंद करके रख लिया गया पुलिस को मुझ पर विश्वास नहीं था इसलिए किडनैप करके रखा मतलब कमरे में बंद करके रखा लेकिन मैं यहां से कार्रवाई के प्रति आश्वस्त होकर जा रहा हूं। इस दौरान उनके पुत्र संदीप कंवर, विशेष सहयोगी राममनोहर सोनी,अनिल चौरसिया व अन्य समर्थक भी उपस्थित रहे। ननकी राम कंवर द्वारा धरना दिए जाने का विचार फिलहाल स्थगित कर देने से सरकार सहित स्थानीय प्रशासन ने भी राहत महसूस की है, लेकिन देखना होगा कि उनकी मांग के संबंध में आगे किस तरह का निर्णय लिया जाएगा। यहां बताना होगा कि राज्य शासन ने ननकीराम कंवर की शिकायत पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त से जांच प्रतिवेदन मांगा है।

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