कलेक्टर के तबादले पर ननकी ने ली चुटकी  कहा देर आए दुरुस्त आए

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कोरबा@M4S:जिले के कलेक्टर रहे 2013 बैच के आईएएस अजीत वसंत का तबादला सरगुजा कलेक्टर के तौर पर किया गया है। उनके स्थान पर 2017 बैच के आईएएस कुणाल दुदावत कोरबा के नए कलेक्टर होंगे। मंगलवार शाम राज्य सरकार ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है। अजीत वसंत के सरगुजा तबादले पर पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने भी प्रतिक्रिया दी है। ननकी ने कहा कि राज्य शासन ने देर जरूर लगाई, लेकिन दुरुस्त कार्रवाई की है।
लगभग 2 महीने पहले 4 अक्टूबर को कलेक्टर ननकी ने अजीत वसंत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उनके खिलाफ रायपुर में धरना दिया था। कलेक्टर अजीत वसंत से नाराजगी के बाद ननकी ने सीएम हाउस के सामने धरना देने की का ऐलान किया था, लेकिन सीएम हाउस पहुंचने से पहले ही हाउस अरेस्ट जैसी परिस्थितियां निर्मित हुई थी। मामले ने राष्ट्रीय स्तर तक खूब सुर्खियां बटोरी थी। इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने ननकी को 7 दिन के भीतर कोरबा कलेक्टर के तबादला कर देने का आश्वासन दिया था। हालांकि 7 दिन के भीतर तबादला नहीं हुआ, लेकिन अब जब देर से तबादला हो गया है, तो ननकी ने प्रतिक्रिया जरूर दी है। अजीत वसंत के तबादले के बाद ननकी ने कहा कि सरकार ने देर से कार्रवाई की है लेकिन तबादला कर दिया है। उन्होंने कहा इस विषय को लेकर मैंने कम से कम तीन बार प्रदेश अध्यक्ष से मीटिंग की है। पहले तो 7 दिन में हटा देने का वादा किया था, इसके बाद एक बार मैं उनके घर जाकर उनसे मिला था। हाल ही में 10- 15 दिन पहले मेरी फिर से प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात हुई थी। तब भी कहा था एक दिन में हटा देंगे, अब कलेक्टर का तबादला हो गया है। नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैसे भी हम एक्स मिनिस्टर हैं। हमारी अपनी सरकार है। सरकार से नाराजगी लेकर हम आखिर कहां जाएंगे।

2017 बैच के अफसर हैं नए कलेक्टर दुदावत
कोरबा के नए कलेक्टर कुणाल दुदावत 2017 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, जो छत्तीसगढ़ कैडर से हैं। कंप्यूटर साइंस में बी टेक हैं। वे दंतेवाड़ा के कलेक्टर के अलावा बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। उनके पिता डॉक्टर हैं, वहीं उन्होंने आईआईटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके बाद मल्टीनेशनल कंपनी में विदेश में कार्य किया है। केंद्रीय लोक सेवा आयोग से पहले आईपीएस और फिर आईएएस चयनित होकर शासकीय सेवा में आए हैं।

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