कोलकाता(एजेंसी):बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में तृणमूल युवा कांग्रेस की रैली (पैदल मार्च) के दौरान भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और जबर्दस्त हंगामा देखने को मिला।
आरोप है कि दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ रैली के शुरू होते ही इसके विरोध में भाजपा समर्थकों ने ममता व तृणमूल के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए और दावा किया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री को लक्ष्य कर कुछ लोगों ने अंडा भी फेंका, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों में हाथापाई तक पहुंच गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया।
झड़प व लाठीचार्ज में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल भी हो गए। इस हंगामे के बीच ममता ने भी अपना आपा खो दिया और अपनी पार्टी के ही तीन कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया।
ममता ने तीन कार्यकर्ताओं को मारे थप्पड़
इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में ममता को अपनी पार्टी के सदस्यों को हंगामे वाली जगह से दूर ले जाते हुए और एक कार्यकर्ता को गाल पर जबकि दो अन्य को पीठ पर थप्पड़ मारते देखा जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर इसका वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि हार के बाद ममता मानसिक संतुलन खो रही हैं।
Mamata Banerjee has completely lost her mental balance after losing elections!
Mamata Banerjee Hits Multiple People belonging to her own party during Protest march today. pic.twitter.com/9QR2C524b7
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) July 8, 2026
तृणमूल का दावा- उसके 41 कार्यकर्ता और नेता गंभीर रूप से घायल हो गए
ममता समर्थित तृणमूल खेमे का आरोप है कि रैली के दौरान भाजपा द्वारा की गई हिंसा में उसके 41 कार्यकर्ता और नेता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रैली की शुरुआत में झड़प होने के बावजूद हालांकि ममता की रैली नहीं रुकीं और लगातार वो आगे बढ़ती गईं। बालीगंज फाड़ी से शुरू हुई विरोध रैली तीन किलोमीटर की दूर तय कर ममता के कालीघाट स्थित आवास के करीब हाजरा मोड़ पर खत्म हुई। रैली को मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से सशर्त अनुमति मिली थी।
ममता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल की रैली के दौरान हुई झड़प के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता ने भाजपा और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हाई कोर्ट की अनुमति के बावजूद रैली में भाजपा समर्थकों ने हमला किया और कोलकाता पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई।
ममता ने कहा कि तृणमूल की रैली शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जा रही थी, लेकिन रैली में शामिल कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई कार्यकर्ता घायल हुए और उन्हें स्वयं बाहर निकलकर घायलों की मदद करनी पड़ी।
ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के एक भाग के तौर पर काम कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार का रिकॉर्ड खराब रहा है, इसलिए तृणमूल को इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने का नैतिक अधिकार नहीं है।







